संसद में आज पेश हो सकते हैं जीएसटी से जुड़े चार ज़रूरी विधेयक

News18Hindi
Updated: March 26, 2017, 11:57 PM IST
संसद में आज पेश हो सकते हैं जीएसटी से जुड़े चार ज़रूरी विधेयक
Photo: Arun Jaitley (PTI)
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Updated: March 26, 2017, 11:57 PM IST
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर मोदी सरकार का रवैया काफी गंभीर है. वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इसे हर हालत में आने वाली 1 जुलाई से पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा. इसी कड़ी में जीएसटी से जुड़े चार विधेयकों को सोमवार को सरकार लोकसभा में पेश कर सकती है. इन सभी बिलों पर 28 मार्च को चर्चा कराइ जा सकती है.

जीएसटी से जुड़े कौन से बिल आएंगे संसद में
बता दें कि केन्द्रीय वस्तु एवं सेवाकर विधेयक 2017, एकीकृत वस्तु एवं सेवाकर विधेयक 2017, संघ शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवाकर विधेयक 2017 और वस्तु एवं सेवाकर (राज्यों को मुआवजा) विधेयक 2017 को सोमवार को लोकसभा में पेश किए जा सकते हैं. इन विधायकों को मनी बिल की तरह संसद में पेश किया जाएगा.

गौरतलब है कि इन चारों विधेयकों के अलावा विभिन्न उपकरों को समाप्त करने के लिए उत्पाद एवं सीमा शुल्क कानून में संशोधनों और नई जीएसटी व्यवस्था के तहत निर्यात और आयात के बिल देने से संबंधित संशोधन भी इसी हफ्ते सदन में रखे जा सकते हैं.

जीएसटी को लेकर बेहद गंभीर है सरकार
वित्त मंत्री अरुण जेटली के 1 जुलाई से जीएसटी लागू करने की घोषणा के बाद से ही सरकार ने इससे जुड़े बाकी विधेयकों को पारित करने के लिए पूरा जोर लगा दिया है. सरकार चाहती है कि जीएसटी से संबंधित विधेयक लोकसभा में 29 मार्च या अधिक से अधिक 30 मार्च तक पारित हो जाएं. इसके बाद इन विधेयकों को राज्यसभा में रखा जाएगा और इससे सरकार को राज्यसभा में प्रस्तावित किसी तरह के संशोधन को लोकसभा में लाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा.

मनी बिल होंगे विधेयक लेकिन सरकार चाहती है चर्चा
गौरतलब है कि संसद का मौजूदा सत्र 12 अप्रैल को समाप्त हो रहा है इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इन्हें मनी बिल के रूप में पेश करने का फैसला लिया है. मनी बिल के तौर पर पेश करने के बावजूद सरकार चाहती है कि दोनों सदनों में इन बिलों पर चर्चा हो. जीएसटी लागू होने के बार उत्पाद, सेवा कर, वैट और अन्य स्थानीय शुल्क इसमें समाहित हो जाएंगे. बता दें कि मनी बिल को राज्यसभा में अटकाकर नहीं रखा जा सकता है.

जेटली ने भी की चर्चा
बता दें कि जीएसटी से जुड़े बिल सोमवार को सदन में रखने से पहले रविवार को जेटली ने महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुंगतीवार, कारोबारी प्रतिनिधियों और देश के प्रमुख बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की.

मुंगतीवार ने बैठक के बाद बताया कि मीटिंग में जीएसटी के अलावा प्याज निर्यात, राज्य में किसान आत्महत्या और कृषि क्षेत्र के विकास पर चर्चा हुई. इस बैठक में भारतीय स्टेट बैंक की चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य और आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर ने भी हिस्सा लिया.

क्या है जीएसटी
बता दें कि जीएसटी के लागू होते ही देश में अलग-अलग जगहों पर लगने वाले 18 तरह के टैक्स खत्म कर दिए जाएंगे और एक यूनिवर्सल टैक्स प्रणाली लागू होगी. दुनिया के लगभग 165 देशों में जीएसटी लागू है. इसके लागू होने के बाद सेल्स टैक्स, वैट और सर्विस टैक्स जैसे सभी टैक्स ख़त्म हो जाएंगे और सिर्फ एक टैक्स लगेगा. जीएसटी की अनुमानित दर 18% हो सकती है.

(एजेंसी इनपुट भी)
First published: March 26, 2017
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