आरबीआई: अब दिख सकता है जीडीपी पर नोटबंदी का असर

भाषा

Updated: March 7, 2017, 11:41 AM IST
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जीडीपी पर नोटबंदी का असर जल्द ही दिखाई दे सकता है. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल वी. आचार्य के मुताबिक यह प्रभाव मौजूदा जनवरी-मार्च तिमाही में कुछ सेक्टर में संभव है. आचार्य का मानना है कि दो व्हीलर सेक्टर जैसे कुछ सेगमेंट हैं, जहां नोटबंदी का असर अब भी है.

नोटबंदी का प्रभाव अस्थाई रहेगा

आरबीआई: अब दिख सकता है जीडीपी पर नोटबंदी का असर
जीडीपी पर नोटबंदी का असर जल्द ही दिखाई दे सकता है. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल वी. आचार्य के मुताबिक यह प्रभाव मौजूदा जनवरी-मार्च तिमाही में कुछ सेक्टर में संभव है.

आचार्य ने कहा  ‘‘फाइनली कैश की कमी नकदी के झटके की तरह से है. नोटबंदी से बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन प्रभाव थोड़े समय के लिए होगा. मैं यह नहीं कह रहा कि यह अस्थायी असर अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों पर कठोर नहीं पड़ा है, पर आप उम्मीद कर सकते हैं कि असर अस्थायी ही रहेगा.’’ आचार्य ने कहा कि नई करंसी डालने का काम ‘बहुत तेजी’ से चल रहा है. हमें अभी कुछ सफर और तय करना है, लेकिन उनका मानना है कि दो से तीन महीने में चलन में नोट पूरे हो जाएंगे, लेकिन कैश पहले की तुलना में कम होगा.

जीडीपी पर असर

जीडीपी अनुमानों के बारे में आचार्य ने कहा कि हमारी मॉनिटरिंग पॉलिसी के अनुमान सरकार के अनुमानों काफी पास हैं. आचार्य ने कहा, ‘‘यकीनन इकॉनॉमी को बूम देने वाले सेक्टर अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि लोगों ने कुछ एक बातें अच्छी उठाई हैं और उन पर विचार किया जा सकता है. इनमें से एक मुद्दा यह है कि ऑर्गनाइज्ड सेक्टर से कनेक्शन के आधार पर अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर को लेकर कितना बड़ा अनुमान लगाया जा सकता है.’ उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी के बाद बाजार में नए नोट डालने का काम बहुत तेजी से चल रहा है और यह दो-तीन महीने में पूरा हो जाएगा.

First published: March 7, 2017
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