बीए पास छात्रों के लिए फिल्म, टीवी, सिनेमा में है शानदार ऑप्शंस

News18India.com

Updated: October 5, 2016, 3:29 PM IST
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नई दिल्ली। एक जमाना था जब बीएस पास करने वाले अपने नाम में बीए जोड़ लिया करते थे। यह वो दौर था जब उच्चतर शिक्षा बेहद कम लोग ही लेते थे और जो लेते थे वो ज्यादातर बीए में ही ग्रेजुएशन करते थे। वक्त बदला और फिर ऐसा दौर आया जब बीकॉम और बीएससी ने बीए को पीछे छोड़ दिया। बीकॉम और बीएससी से ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों के पास नौकरी के ढेरों अवसर दिखाई देने लगे और छात्रों में बीए को लेकर दिलचस्पी कम होती गई।

अब ऐसे छात्रों की संख्या बेहद कम है जो बीए से अपनी ग्रेजुएशन पूरी करते हैं। छात्र सिंपल बीए की जगह वोकेशनल कोर्स को तरजीह देते हैं। लेकिन एक सवाल जिसका जवाब हम सभी को तलाश लेना चाहिए वो यह कि क्या सच में बीए को लेकर ऑप्शन नहीं है? छात्रों और माता-पिता के मन में यह सवाल अक्सर ही तैरता है। हमने इसी सवाल पर कुछ स्टूडेंट्स और फैकल्टी मेंबर्स से बात की है।

बीए पास छात्रों के लिए फिल्म, टीवी, सिनेमा में है शानदार ऑप्शंस
बीकॉम और बीएससी से ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों के पास नौकरी के ढेरों अवसर दिखाई देने लगे और छात्रों में बीए को लेकर दिलचस्पी कम होती गई।

जिन छात्रों से हमने बात की वह या तो करियर को लेकर स्पष्ट राय वाले नहीं दिखे या फिर उन्होंने कम अंकों की वजह से और रेग्युलर कॉलेज में जाने के सपने के कारण बीए से ग्रेजुएशन की थी। हमने उन छात्रों के माता-पिता से भी संपर्क किया। इन बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई दिए।

ऐसे छात्र जो बीए से ग्रेजुएट हैं या ग्रेजुएशन कर रहे हैं, पहली बात तो ये कि उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। एक आम बीए कोर्स के बाद भी छात्र के पास फिल्म, टीवी, रेडियो में ढेरों ऑप्शन मौजूद हैं। इस कोर्स से ग्रेजुएट होने के बाद छात्र टीवी, सिनेमा, न्यूज से जुड़े कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। दिल्ली में भारतीय विद्या भवन, जामिया मिल्लिया, आईआईएमसी ऐसे शिक्षण संस्थान हैं, जहां से आप ये कोर्स कर सकते हैं।

भारतीय विद्या भवन के सीनियर फैकल्टी विशाल सहाय ने बताया कि शिक्षण संस्थान के फिल्म एंड टीवी स्टडीज डिपार्टमेंट (bvbfts) से छात्र रेडियो एंड टीवी जर्नलिज्म, टीवी प्रॉडक्शन, डायरेक्शन और स्क्रिप्ट राइटिंग, मीडिया मैनेजमेंट से जुड़े कोर्स कर सकते हैं। रेडियो एंड टीवी जर्नलिज्म कर छात्र जर्नलिज्म, रेडियो में पत्रकार या रेडियो जॉकी बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। वह रिपोर्टर और एंकर भी बन सकते हैं।

इसके अलावा टीवी प्रॉडक्शन कोर्स से वह कैमरे और डायरेक्शन की बारीकियां समझ सकते हैं। छात्र इस कोर्स के बाद टीवी और फिल्म की दुनिया में अपना कदम बढ़ा सकते हैं। सीनियर फैकल्टी विशाल सहाय ने जानकारी दी और बताया कि छात्र इस कोर्स के बाद अपना प्रॉडक्शन हाउस भी खोल सकते हैं।

वहीं, डीआरएस मतलब डायरेक्शन और स्क्रिप्ट राइटिंग के कोर्स से वह फोकस्ड होकर डायरेक्शन और स्क्रिप्ट के क्षेत्र में बढ़ सकते हैं। मीडिया मैनेजमेंट कोर्स से छात्र मीडिया मैनेजमेंट की बारीकियां सीख सकते हैं।

First published: October 5, 2016
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