सक्सेस स्टोरीः वेटिंग टिकट की परेशानी से खड़ा हो गया बड़ा स्टार्टअप!

ओम प्रकाश | News18India.com

Updated: October 16, 2016, 9:10 AM IST
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नई दिल्ली। ट्रेन में रिजर्वेशन कराते समय सबसे ज्यादा टेंशन होती है वेटिंग टिकट के कंफर्म होने की। कई बार यात्रा शुरू होने के पांच घंटे पहले तक पता नहीं रहता कि बर्थ कंफर्म हुई है या नहीं। देश के एक आम रेलयात्री की ये आम दिक्कत आईआईटी रुड़की के तीन दोस्तों के लिए बिजनेस का आइडिया बन गई और जन्म हुआ वेबसाइट ‘ट्रेनमैन’ का।

भागलपुर के विनीत कुमार कहते हैं कि रुड़की से जब भी घर आना-जाना होता था तो ट्रेन का टिकट वेटिंग का ही मिलता था। इसलिए हमेशा ये टेंशन रहती थी कि पता नहीं बर्थ कंफर्म होगी या नहीं। फिर हमने सर्च किया कि क्या कोई ऐसा सॉफ्टवेयर है जो ये बता दे कि कितनी वेटिंग पर कहां का टिकट कंफर्म हो पाएगा। ऐसा कोई सॉफ्टवेयर नहीं मिला। ये बात है 2013 के अंत की। उस वक्‍त हम तीनों दोस्‍त मैं, उन्‍नाव का मोहम्‍मद आमिर और जालंधर का करण कुमार अलग-अलग कंपनियों में अच्‍छे पैकेज पर काम कर रहे थे। फिर हमने मिलकर करीब 8 माह में एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया जो ये भविष्‍यवाणी कर दे कि टिकट कंफर्म होगा या नहीं।

सक्सेस स्टोरीः वेटिंग टिकट की परेशानी से खड़ा हो गया बड़ा स्टार्टअप!
जहां नौकरी कर रहे हैं उसे छोड़े बिना बिजनेस मॉडल पर थोड़ा काम करके उसकी सक्‍सेस चेक करें। वरना मॉडल फेल होने पर आप बेरोजगार हो जाएंगे।

विनीत के मुताबिक मई 2014 में कुल करीब चार लाख रुपये में कंपनी बनाई। पहले ही दिन ट्रेनमैन की वेबसाइट पर लगभग सौ लोग आए। तब हौसला मिला और हमने नौकरी छोड़कर गुड़गांव के गोल्फ कोर्स रोड पर ऑफिस खोला। इस समय वेबसाइट पर हर रोज करीब 2 लाख लोग आ रहे हैं। इस समय कंपनी का करीब 50 लाख रुपये सालाना टर्नओवर है। अगले एक-डेढ़ साल में टर्नओवर पांच गुना होने की संभावना है।

कैसे बनाया सॉफ्टवेयर

  • पुरानी यात्राओं का डाटा निकलवाया। उनका विश्लेषण किया कि कितनी वेटिंग पर कहां का टिकट कंफर्म हुआ है। तकनीकी भाषा में इसे मशीन लर्निंग कहते हैं।
  • इसी के जरिए ट्रेन टिकट के कंफर्मेशन की भविष्‍यवाणी की जाती है।
  • दावा है कि 90 फीसदी भविष्‍यवाणी सही होती है। कंफर्म होने की संभावना फीसदी में बताई जाती है।
  • साइट और एप पर विज्ञापन से कमाई होती है।

स्‍टार्टअप के लिए क्‍या करें युवा

-नकारात्‍मक सोच न रखें, पॉजिटिव सोचें कि इस काम के सफल होने की संभावना ज्‍यादा है।

-जहां नौकरी कर रहे हैं उसे छोड़े बिना बिजनेस मॉडल पर थोड़ा काम करके उसकी सक्‍सेस चेक करें। वरना मॉडल फेल होने पर आप बेरोजगार हो जाएंगे।

-जनता की जरूरतों का सर्वे करें। देखें कि कौन सी जरूरत की सर्विस है। कोई सर्विस है तो उसमें भी कहां बिजनेस हो सकता है।

First published: October 16, 2016
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