मिड डे मील में प्लास्टिक चावल परोसे जाने की आशंका, प्रशासन ने स्टॉक सील किया

Yugal Tiwari | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 16, 2017, 7:56 AM IST
मिड डे मील में प्लास्टिक चावल परोसे जाने की आशंका, प्रशासन ने स्टॉक सील किया
मध्यान्ह भोजन में मिले प्लास्टिक के चावल ने अभिभावकों की बढ़ाई चिंता
Yugal Tiwari | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 16, 2017, 7:56 AM IST
छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में पामगढ़ के लोहरसी गांव के मिडिल स्कूल में प्लास्टिक चावल के वितरण की आशंका ने अभिभावकों के साथ-साथ सरकारी महकमे की चिंता बढ़ा दी है.

मध्यान्ह भोजन में बनाए गए चावल को जब जांच दल ने गेंद के गोले बनाकर टेबल पर पटका तो वह गेंद की तरह उछलने लगा. यह दृश्य देखकर जांच दल खुद भौचक्के रह गए.

जांच की कार्रवाई के बाद टीम ने स्टॉक और कमरे को सील कर दिया. इसमें सबसे चिंता वाली बात यह है कि मध्यान्ह भोजन के चावल वितरण शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से समूहों को दिया जाता है.

ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर ये घातक चावल आया कहां से ? पामगढ़ सीईओ जनपद की अगुआई में टीम ने जांच के दौरान वहां मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए.

बता दें कि जांच टीम में खाद्य विभाग नान के अधिकारी, शिक्षक और मध्यान्ह भोजन बनाने वाले समूह के लोग शामिल थे. इसी चावल को खाकर मिडिल स्कूल के बच्चे बीमार हो गए थे. उन्हें पेट दर्द की शिकायत हो रही थी, जिसपर लोगों द्वारा मामला उठाए जाने पर जांच के लिए टीम गठित हुई थी.

वहीं इस बारे में पामगढ़ सीईओ ऋचा ने कहा कि चावल के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि चावल में कोई गड़बड़ी है या नहीं.

बहरहाल, जब शासकीय सोसायटी से नकली और प्लास्टिक के चावल वितरण हो जाए तो यह हैरान करने वाली बात ही है.
First published: July 16, 2017
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