दो माह से अंधेरे में डूबा है कोरबा का यह गांव

Abdul Aslam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 17, 2017, 7:52 PM IST
दो माह से अंधेरे में डूबा है कोरबा का यह गांव
अपने गांव की बिजली की समस्‍या को लेकर कलेक्‍टर कार्यालय पहुंचे लैंगा के ग्रामीण.
Abdul Aslam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 17, 2017, 7:52 PM IST
छत्‍तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा का एक गांव पिछले दो माह से अंधेरे में डूबा हुआ है.

अपनी बिजली से देश-प्रदेश को रोशन करने वाले कोरबा के आदिवासी बहुल लैंगा गांव में ब्लैक आउट है. पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के लैंगा गांव में एक हजार आदिवासी रहते हैं. गांव में पिछले दो माह से बिजली नहीं है और चिमनी जलाने के लिए मिलने वाला दो लीटर मिट्टी का तेल हर रात अंधेरे से लड़ने के लिये पर्याप्त नहीं होता.

विद्युत विभाग की उदासीनता से हलाकान ग्रामीणों ने अब कलेक्टर जनदर्शन में गुहार लगाई है. गांव वालों ने बताया कि गांव में दो माह से बिजली गुल होने की शिकायत कई बार वितरण विभाग के अफसरों से की जा चुकी है. उसके बाद भी व्यवस्था दुरुस्त करने में वे गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं.

गांव वालों ने बताया कि कभी विभाग के कर्मचारी भूले-भटके व्यवस्था सुधारने पहुंच जाते हैं. मरम्मत के कुछ देर तक तो बिजली आ जाती है, लेकिन जैसे ही कर्मचारी मरम्मत के बाद वापस लौटते हैं, बिजली फिर गुल हो जाती है. यह सिलसिला पिछले दो माह से चला आ रहा है.

ग्राम लैंगा आदिवासी बहुल गांव होने के साथ ही जंगलों के पास बसा हुआ है. यहां रात में विषैले जीव-जंतु और जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है. ऐसे में ग्रामीणों को काफी खतरा है, लेकिन इसके बाद भी विद्युत वितरण विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं.

बिजली व्‍यवस्‍था बहाल नहीं होने पर ग्रामीणों ने चक्काजाम करने की चेतावनी दी है. वहीं, अधीक्षण अभियंता मधु मिंज का कहना है कि जंगलों से होकर बिजली लाइन गई है, जिसके कारण खराब मौसम में पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हो रही है.
First published: July 17, 2017
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