बच्‍चे गए थे स्‍कूल भवन की मांग करने, कलेक्‍टर बोले- पढ़ाई छोड़कर कैसे आ गए!

Abdul Aslam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 17, 2017, 7:30 PM IST
बच्‍चे गए थे स्‍कूल भवन की मांग करने, कलेक्‍टर बोले- पढ़ाई छोड़कर कैसे आ गए!
स्‍कूल भवन की मांग को लेकर कलेक्‍टर कार्यालय पहुंचे छात्र-छात्राएं.
Abdul Aslam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 17, 2017, 7:30 PM IST
छत्‍तीसगढ़ के कोरबा जिले के कोरकोमा गांव के हायर सेकंडरी स्‍कूल के छात्र-छात्राएं कलेक्‍टर से स्‍कूल भवन के लिए गुहार लगाने पहुंचे तो कलेक्‍टर ने बजाय उनकी बात सुनने के उनसे यह पूछ लिया कि वे पढ़ाई छोड़कर कैसे आ गए.

कोरबा कलेक्‍टर मोहम्‍मद कैसर अब्‍दुल हक के जनदर्शन कार्यक्रम में अपनी मांग लेकर पहुंचे छात्र-छात्राओं ने बताया कोरकोमा गांव के हायर सेकंडरी स्‍कूल में नौवीं से लेकर बारहवीं तक की कक्षाएं लगती हैं. यहां साइंस, कॉमर्स और आर्ट तीनों ही विषय हैं. छात्रों की संख्‍या के हिसाब से भवन पर्याप्‍त नहीं है. पर्याप्त भवन नहीं होने के कारण बच्‍चे बरामदे में और बाहर पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करते हैं. बाहर लगने वाली कक्षाओं की हर साल बारिश के दिनों में छुट्टी कर दी जाती है. इसके कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

अपनी समस्‍या को लेकर ये बच्‍चे सोमवार को कोरबा कलेक्‍टर मोहम्‍मद कैसर अब्‍दुल हक के जनदर्शन कार्यक्रम में भवन उपलब्‍ध कराने की मांग को लेकर पहुंचे. वे कलेक्‍टर से मिलकर अपनी समस्‍या का समाधान करवाना चाहते थे. कलेक्‍टर से मुलाकात के दौरान उनके व्‍यवहार से बच्‍चे निराश हो गए. बच्‍चों का कहना था कि उन्‍होंने हमारी समस्‍या तो सुनी नहीं, उल्‍टे यह कहा कि तुम लोग पढ़ाई छोड़कर यहां कैसे आ गए. तुम किसी के कहने पर यहां शिकायत करने आए हो. हालांकि बच्‍चों को इस बात से संतोष था कि कलेक्‍टर ने स्‍कूल का दौरा करने की बात जरूर कही है.
First published: July 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर