रिटायर्ड जज बहू को छोड़ने के लिए डाल रहे मूक बधिर बेटे पर दबाव

ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 17, 2017, 5:21 PM IST
रिटायर्ड जज बहू को छोड़ने के लिए डाल रहे मूक बधिर बेटे पर दबाव
शादी के बाद सौरभ और प्रीति
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Updated: July 17, 2017, 5:21 PM IST
परिवार न्यायालय के रिटायर्ड जज के मूक-बधिर पुत्र ने अपने तरह की युवती से प्रेम विवाह किया तो बखेड़ा हो गया. पिता ने ठुकरा दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने पुत्र पर दबाव बनाया कि वह बहू को छोड़ दे. प्रेमी युगल एक ही समाज से हैं. इसके बाद सर्व ब्राह्मण समाज सामने आया है.

युवती का परिवार नव दंपति के साथ है. समाज की इच्छा है कि युवक का परिवार भी इस विवाह को स्वीकार करे, ताकि समाज में एक मिसाल कायम हो.

इस कहानी की शुरुआत 2011 में भिलाई के होटल आशीष इंटरनेशनल में हुए एक आयोजन से होती है, जहां मूक-बधिरों का कार्यक्रम हुआ था. यह पहला अवसर था जब तत्कालीन जज डीके तिवारी के पुत्र सौरभ और भिलाई की एक निजी कंपनी में काम करने वाले सिद्धनाथ दुबे की पुत्री प्रीति का आमना-सामना हुआ. बात आई-गई हो गई.

26 फरवरी 2017 को सर्वब्राह्मण समाज ने विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन रखा . मानस भवन दुर्ग में हुए इस सम्मेलन में दोनों मूक-बधिर युवक-युवती सपरिवार शरीक हुए. आमना-सामना हुआ फिर परिचय दोस्ती में बदल गई.

दोनों सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए एक दूसरे के सम्पर्क में आ गए . बात आगे बढ़ी तो 30 जून 2017 को दोनों ने आर्य समाज मंदिर सेक्टर-6 में विवाह रचा लिया. सौरभ गोल चौक रायपुर का निवासी है. वह डीआरएम ऑफिस रायपुर में बतौर सीनियर क्लर्क काम करता है.

विवाह के बाद जब सौरभ पत्नी को लेकर घर पहुंचा तो उनके पिता रिटायर्ड जज डीके तिवारी ने बहू को अपनाने से इनकार कर दिया.
First published: July 17, 2017
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