गरीबों के लिए आए 5 करोड़ रुपये डकार गए भ्रष्टाचारी

News18India

Updated: July 16, 2012, 12:12 PM IST
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कुशीनगर। सरकारी योजनाओं में घोटाले की बात हम और आप खूब करते हैं। लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो इन घोटालों के खिलाफ खड़े होते हैं और लड़ते हैं। यूपी के कुशीनगर के रहने वाले सिटिजन जर्नलिस्ट ब्रजेश मिश्र सालों से उन लोगों के खिलाफ़ लड़ रहे हैं जिन्होंने गरीबों के हक के पैसे से अपनी जेबें भरीं।

दरअसल मेहनतकश लोगों को तलाश होती है रोजगार की, लेकिन सरकारी योजनाओं के ज़रिए मिलने वाले रोजगार पर ही कुछ लोगों ने डाका डाल दिया है। केंद्र सरकार ने साल 2004-05 में DISTRICT RURAL DEVELOPMENT AGENCY (DRDA) योजना के तहत कुशीनगर जिला पंचायत को 5 करोड़ रूपये जारी किए, इस पैसे का इस्तेमाल रिक्शा और ठेला खरीद कर अनुसूचित जाति के लोगों को देना था ताकि उन्हें रोजगार हासिल करने में आसानी हो सके। लेकिन जिला पंचायत ने एक बैठक कर फैसला पलट दिया और इस पैसे से पंपिंग सेट और जनरेटर खरीदने का फैसला किया।

ताज्जुब की बात तो ये है कि सरकारी नियमों के मुताबिक 50 हजार से ज्यादा की राशि से होने वाली खरीद के लिए टेंडर दिया जाना चाहिए। लेकिन यहां पर समान खरीदने के लिए कोटेशन मांगे गए, जो नियमों का खुला उल्लंघन था। इतना ही नहीं, इस खरीद की जानकारी जिला पंचायत की स्टाक बुक में होनी चाहिए थी वो भी नहीं हुई। जिला पंचायत ने जिस कोटेशन को मंजूर किया उसके मुताबिक 5 करोड़ की राशि से 110 जेनेरेटर और 250 पंपिंग सेट खरीदने का फैसला हुआ। लेकिन आज तक किसी को ना पंप सेट और ना ही जेनेरेटर आवंटित किया गया।

इस सारे घपले की जानकारी सीजे ने आयुक्त के साथ-साथ नए सीडीओ की दी, तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। उनकी जांच में पाया गया कि इस घोटाले में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सहित 5 लोग दोषी हैं और इनके खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए। सीजे ने दोषियों को सजा दिलाने के लिए अपनी जंग जारी रखने का ऐलान किया है।

First published: July 16, 2012
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