फुटपॉथ पर रहने वाले बच्चे खुद किस्मत संवारने में लगे

News18India

Updated: November 15, 2012, 11:11 AM IST
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नई दिल्ली। 24 साल की फेथ गोंजाल्विस दिल्ली की सड़कों पर रहने वाले बच्चों की जिंदगी में संगीत के जरिए खुशियां बिखेर रही हैं। तीन साल पहले फेथ ने म्यूजिक बस्ती की शुरुआत की, जिसके तहत फेथ और इनकी टीम दिल्ली की सड़कों पर जिंदगी गुजारने वाले 350 बच्चों को संगीत सिखाते हैं। आज ये बच्चे तैयार हैं दुनिया का सामना करने के लिए और इनमें ये भरोसा जगाया है फेथ ने।

फेथ की ही तरह पुरानी दिल्ली के रहने वाले इरशाद आलम ने अपने इलाके के बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने के लिए उन्हें पुरानी दिल्ली की संस्कृति और इतिहास से जोड़कर एक अनोखा मॉडल तैयार किया।

इरशाद आलम पुरानी दिल्ली के खो चुके किस्से कहानियों को ढूढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इरशाद का कहना था कि वो बच्चों के भविष्य के लिए कुछ करना चाहते थे। तभी उन्होंने सोचा कि एक तीर से दो निशाने हो जाएंगे और इस तरह 2000 में शुरुआत हुई टैलेंट क्लब की। इरशाद ने सहारा लिया थिएटर का, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बच्चों की होती है।

इतिहास के किस्सों के आधार पर ये बच्चे खुद ही नाटक लिखते हैं और इनमें अभिनय भी करते हैं। इरशाद की कोशिशों से जहां बच्चों को एक नई दिशा मिली है, वहीं पुरानी दिल्ली के गुम हो चुके बहुत से किस्सों को नई जिंदगी भी मिल गई है।

First published: November 15, 2012
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