राम की गंगा को बचाने में जुटे रामसागर

News18India
Updated: February 26, 2015, 9:54 AM IST
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Updated: February 26, 2015, 9:54 AM IST
वाराणसी। हर साल गंगा की सफाई के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता। गंगा पहले से भी ज़्यादा मैली होती जा रही है।

प्लास्टिक की थैलियां जगह-जगह बिखरी मिल जाएंगी। लेकिन एक शख्स ऐसा है जो अनोखे तरीके से गंगा की सफाई में जुटा है। रामसागर बनारस में गंगा के किनारे से प्लास्टिक के कचरे को बीनकर गंगा में हो रहे प्रदूषण को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

पेशे से शिक्षक रामसागर इस काम के लिए अपने स्कूल के बच्चों को साथ रखते हैं ताकि वो गंगा की सफाई की ज़रूरत को समझें।

सफाई के दौरान एकत्र कचरा भी बेकार नहीं जाता। उससे बच्चे सुंदर खिलौने तैयार करते हैं। इस सोच के पीछे रामसागर का उद्देश्य है कि गरीब बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी हो जाएं और गंगा को कुछ हद तक मैली होने से बचाया जा सके।

गंगा में फेंके कूड़े को बीनना कोई नई बात नहीं है। रामसागर ने इसमें दो कामों को एक साथ जोड़ा है। गंगा की सफाई के साथ साथ बच्चों में सफाई के प्रति जागरूकता।

रामसागर का मकसद गंगा को बचाने के लिए बच्चों के दिलों में उसके प्रति प्रेम पैदा करना है। वे रोजाना अपने स्कूल में गंगा के विषय पर ही बच्चों के साथ नाटक करते हैं।

इससे बच्चे जब बाहर जाएंगे तो ज्यादा से ज्यादा लोगों से गंगा को बचाने की बात करेंगे। कूड़ा बीनना, खिलौना बनवाना, बच्चों से नाटक करवाना इन सब का मकसद सिर्फ एक है कि किसी भी तरह मां गंगा को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
First published: July 14, 2008
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