पंचायत पर बिफरी महिलाएं, छेड़ते पुरुष हैं तो सजा हमें क्यों?

News18India
Updated: July 21, 2012, 2:42 AM IST
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Updated: July 21, 2012, 2:42 AM IST
बागपत। बागपत में हुए महापंचायत के खिलाफ महिलाओं ने जमकर हुंकार भरी है। जिस मंच से महिलाओं पर पाबंदियां लगाई जा रही थीं उसी मंच से महिलाओं ने इसका जमकर विरोध किया। महिलाओं ने साफ कहा कि पंचायत अपने मुद्दे से भटक गई है। महिलाओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लड़कियों और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार किया जाता है वो कोई और नहीं बल्कि पुरुष ही करते हैं ऐसे में पुरुषों को खिलाफ पंचायत में फरमान क्यों नहीं पास होते।

दरअसल ये महिला ठीक उसी मंच से अपनी आवाज बुलंद कर रही है जिस मंच से महिलाओं के खिलाफ तालिबानी फरमान सुनाया गया था। लेकिन उसी मंच पर महिलाओं ने पंचायत की धज्जियां उड़ा दीं। पंचायत के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। महिलाओं ने जोरदार आवाज में कहा कि ऐसे फरमान सुनाने वाली पंचायत अपने रास्ते से भटक गई हैं।

ये पहला वाकया है जब बागपत पंचायत में किसी महिला ने पंचायत के तालिबानी हुक्म का जमकर विरोध किया है। हालांकि इस पंचायत में महिलाओं को शिरकत करने के लिए नहीं बुलाया गया था लेकिन विरोध के तौर पर शामिल महिलाओं ने ये साबित कर दिया कि वो किसी से कम नहीं, और उन्हें किसी का डर नहीं है। इसी पंचायत में शामिल एक महिला ने तो यहां तक सवाल खड़े कर दिए कि जब धर्म में महिलाओं पर पाबंदी नहीं लगाई गई तो फिर इन लोगों की क्या हैसियत।

लेकिन मंच से महिला की ये हुंकार पंचायत में शिरकत करने वाले कई नेताओं को ये नागवार गुजरी। लोग लगातार इस बात का ऐलान करते रहे कि उन्हें अपनी बहु बेटियों की चिंता है। इसलिए घर की महिलाओं को वही करना होगा जो पंचायत तय करेगी। मंच से महिलाओं के तीखे तेवर को देखने के बाद पंचायत में थोड़ी नरमी जरुर आई और पुरानी तमाम बातों के लिए आयोजकों ने मीडिया को जिम्मेदार ठहराकर खुद को बचाने की कोशिश की।

एक बात तो साफ है कि महापंचायत में महिलाओं की हुंकार ने खाप के नेताओं को सोचने पर मजबूर जरूर कर दिया है। लेकिन पंचायतें इसे कहां तक अमल में लाती हैं ये देखने वाली बात होगी।

First published: July 21, 2012
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