सरकारी स्कूल में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के फैसले का विरोध

वार्ता
Updated: August 3, 2012, 7:21 AM IST
सरकारी स्कूल में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के फैसले का विरोध
तमिल इलीट्स फोरम ने तमिलनाडु सरकार से आग्रह किया है कि वह सभी सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू करने के अपने फैसले को वापस ले ले।
वार्ता
Updated: August 3, 2012, 7:21 AM IST
चेन्नई। तमिल इलीट्स फोरम ने तमिलनाडु सरकार से आग्रह किया है कि वह सभी सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू करने के अपने फैसले को वापस ले ले।

फोरम के सदस्यों तमिल भाषाविद् तथा तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष कुमारी अनंतन और भरतियार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो एम पोन्नवाइको ने पत्रकारों से कहा कि सरकार के इस फैसले से सरकारी स्कूलों पर अंग्रेजी का प्रभुत्व स्थापित हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि विश्वभर के विद्वानों एवं बड़े नेताओं का यह मत रहा है कि मातृ भाषा में ही आसानी एवं प्रभावी तरीके से बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले को फोरम ने गंभीरता से लिया है। इस कदम से तमिल भाषाई छात्रों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई को बैन कर देना चाहिये।


First published: August 3, 2012
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