ओ री गौरैया......बनी दिल्ली की राज पक्षी

आईएएनएस

Updated: August 16, 2012, 5:51 AM IST
facebook Twitter google skype whatsapp

नई दिल्ली। आमतौर पर घर के आंगनों में दिखने वाली चिड़िया गौरैया को दिल्ली के 'राज पक्षी' का दर्जा मिल गया है। मंगलवार को यह घोषणा की गई। 'राइज फॉर द स्पैरोज' अभियान के शुभारम्भ पर आयोजित एक कार्यक्रम में इस निर्णय की घोषणा की गई। 'नेचर फॉरएवर सोसायटी' के प्रमुख मोहम्मद दिलावर ने बताया कि विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी इस नन्ही चिड़िया को बचाने के मकसद से इस अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित मौजूद थीं।

दिलावर ने कहा कि इस निर्णय से घरों में पाई जाने वाली गौरैया के प्रति जागरूकता पैदा करने व दुनियाभर में इसके संरक्षण के प्रयासों को प्रोत्साहित करने में इस निर्णय से मदद मिलेगी। दीक्षित के प्रवक्ता सतपाल ने कहा कि अभियान की देश के 65वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बुधवार से औपचारिक शुरुआत होगी। इस अवसर पर दीक्षित ने लोगों से कहा कि वे इस चिड़िया व अन्य सामान्यतौर पर पाई जाने वाली चिड़ियाओं का बुधवार को 15 मिनट तक निरीक्षण करें और महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठी करने में मदद करें।

ओ री गौरैया......बनी दिल्ली की राज पक्षी
आमतौर पर घर के आंगनों में दिखने वाली चिड़िया गौरैया को दिल्ली के 'राज पक्षी' का दर्जा मिल गया है। मंगलवार को यह घोषणा की गई।

उन्होंने स्वयं सेवी संगठनों (एनजीओ) व शैक्षिक संस्थानों व कार्पोरेट कम्पनियों से 'कॉमन बर्ड मॉनिटरिंग ऑफ इंडिया' (सीबीएमआई) का आधिकारिक तौर पर भागीदार बनने के लिए उसकी वेबसाइट 'सीबीएमआई डॉट इन' पर पंजीकरण कराने के लिए कहा। सीबीएमआई व 'राइज फॉर द स्पैरो' का मकसद सामान्य पक्षियों के संरक्षण में मदद के लिए उनके प्रति जागरूकता पैदा करना है। दिलावर ने अपील की कि दिल्ली सरकार सीबीएमआई को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करे और सभी शैक्षिक संस्थानों में पक्षियों के महत्व को समझा जाए। गौरतलब है कि दिलावर 'टाइम' पत्रिका की साल 2008 में जारी हुई '30 हीरोज ऑफ एनवायर्नमेंट' लिस्ट में शामिल हैं।

First published: August 16, 2012
facebook Twitter google skype whatsapp