बाढ़ में बर्तनों के सहारे नदी पार करने को मजबूर लोग

वार्ता

Updated: August 28, 2012, 6:53 AM IST
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शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में सिंध नदी के किनारे बसा ग्राम सूड ऐसा गांव है जहां हर घर में स्टील, पीतल, एल्युमीनियम आदि धातुओं के बड़े-बड़े कलश-पतीले हैं जिन्हें बड़े जतन से रखा जाता है और बरसात के मौसम में यहां के ग्रामीण इन्हीं के सहारे नदी पार करके गांव से बाहर जा सकते है। अभी भी पिछले लगभग 4 दिनों से नदी का पानी बढ़ने के कारण ग्रामीण इन्हीं बरतनों के सहारे नदी पार कर रहे हैं।

सूड गांव के निवासी रामचरण आदिवासी, सरपंच शैतान सिंह ने बताया कि उनका गांव दो तरफ से सिंध नदी से घिरा है। वर्षा के मौसम में नदी में पानी बढ़ने के कारण गांव का रास्ता बंद हो जाता है। नदी पर पुल नहीं है और जब अटलसागर मणीखेड़ा बांध के गेट खुल जाते हैं तो नदी में बाढ़ आ जाती है तथा नदी पार करना मुश्किल हो जाता है। नदी में बाढ़ आने पर लगभग 350 ग्रामीणों की आबादी वाला यह गांव सब जगह से कट जाता है। ऐसी स्थिति में आने जाने के रास्ते बंद हो जाने के कारण नदी पार करने के लिए ग्रामीण धातुओं से बने बड़े कलशों, पतीलों का सहारा लेकर नदी पार करते हैं।

बाढ़ में बर्तनों के सहारे नदी पार करने को मजबूर लोग
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में सिंध नदी के किनारे बसा ग्राम सूड ऐसा गांव है जहां हर घर में स्टील, पीतल, एल्युमीनियम आदि धातुओं के बड़े-बड़े कलश-पतीले हैं।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि इस गांव की समस्या से वे वाकिफ हैं इसीलिए बारिश के पूर्व यहां तीन माह के खाद्यान्न एवं दवाओं के भण्डारण के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए गए थे।

First published: August 28, 2012
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