जूनागढ़ में सरपंच के इशारे पर युवक को जिंदा जलाया

News18India

Updated: September 15, 2012, 2:04 AM IST
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अहमदाबाद। गुजरात के जूनागढ़ में एक दलित युवक को जिंदा जलाकर मार दिया गया। जानकारी के मुताबिक गांव के सरपंच ने ही इस पूरे वाकये को अंजाम दिया है। आरोप है कि गांव के सरपंच के रिश्तेदार की बेटी कई दिनों से गायब थी। इसी का आरोप लगाते हुए सरपंच ने बाकी रिश्तेदारों के साथ दलित युवक के घर पर हमला कर दिया। पहले रिश्तेदारों को मारा पीटा और फिर घर में आग लगा दी। इस आगजनी में पीड़ित युवक की जिंदा जलकर मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी सरपंच समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक गांव के सरपंच भाना काना का आरोप ये था कि उसके एक रिश्तेदार की लड़की लापता हो गई है। सबको शक था कि उसे लालजी भगाकर ले गया है। इसी आरोप के बाद सरपंच अपने रिश्तेदारों के साथ उसके घर आ धमका।

हालांकि लालजी के पिता ये बार-बार कहते रहे कि लालजी घर में ही मौजूद है और उसने ऐसी कोई हरकत नहीं की है। लेकिन सरपंच भाना काना कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। वो तो बस लालजी को ठिकाने लगाने की तैयारी में ही आया था। पहले घर के सभी लोगों पर हमला किया और फिर घर में आग लगा दी। आग के दौरान लालजी तड़पता रहा, चीखता रहा लेकिन किसी को भी दया नहीं आई। पिता-भाई समेत बाकी रिश्तेदार भी अपनी आंखों के सामने ही लालजी को जिंदा आग में जलते देखते रहे। दरिदों ने पहले तो इन्हें बेहोश कर दिया और होश में आने पर तब तक जकड़कर रखा। जब तक लालजी की मौत नहीं हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन सिवाय राख और धुएं के कुछ भी नहीं बचा था। लालजी की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी।

गौरतलब है कि जिस आकोलाली गांव में ये घटना घटी उस गांव की आबादी महज 700 लोगों की है। इसमें ज्यादातर कोली समुदाय के लोग रहते हैं जबकि सिर्फ लालजी का परिवार ही दलित का था। लालजी के पिता और उनके दो बड़े भाई मजदूरी करके अपने गुजर बसर करते हैं। पुलिस ने घटना के फौरन बाद हरकत में आते हुए मामला दर्ज कर लिया। साथ ही सरपंच समेत 11 लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

First published: September 15, 2012
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