ऑटो वालों की मनमानी, हेल्पलाइन नंबर लगता ही नहीं

News18India
Updated: January 16, 2013, 6:05 PM IST
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Updated: January 16, 2013, 6:05 PM IST
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार गैंगरेप का ठीकरा पुलिस पर फोड़ती है। दिल्ली पुलिस केंद्र के अधीन है। लेकिन क्या दिल्ली सरकार को अपने ही ट्रांसपोर्ट विभाग को सुधारने की चिंता है। नियम ये है कि दिल्ली में ऑटो पर हेल्पलाइन नंबर लिखना होगा। लेकिन आपको ये नंबर बहुत कम ऑटो पर दिखेगा।
दरअसल दिल्ली में जितने भी ऑटो चलते हैं उन पर एक हेल्पलाइन नंबर लिखा होना चाहिए। नंबर है 42400400 ये नंबर किसी भी मुसीबत में कॉल करने के लिए होता है। अगर कोई ऑटोवाला ज्यादा पैसे मांगता है या फिर आपके साथ गलत बर्ताव करता है। या फिर नियमों को तोड़ता है। तो आप इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं। लेकिन ये नंबर आपको बहुत ही कम ऑटो पर लिखा हुआ दिखेगा। ज्यादातर ऑटो वाले इस नंबर को हटा देते हैं। और कुछ तो लिखवाते ही नहीं। दिल्ली के आईएसबीटी बस स्टैंड पर आईबीएन7 की टीम ने ऑटोवाले से हेल्पलाइन नंबर के बारे में सवाल किया..
ऑटो ड्राइवर- मेरी 30 जनवरी की फिटनस है तो दोबारा जब जाउंगा फिटनेस कराने तो लिखा मिलेगा आपको।

रिपोर्टर- अब तो नहीं है न मुझे तो अब से मतलब है मुझे फिटनस से क्या मतलब है?

ऑटो ड्राइवर- जब गाड़ी धुलाई होती है तो वो मिट जाता है साफ करते-करते।

आईबीएन7 रिपोर्टर ने ऑटोवाले से कहा कि वो मीटर से नहीं चल रहा इसकी शिकायत वो उस नंबर पर करेंगे। लेकिन हेल्पलाइन नंबर 42400400 पर कॉल लगा ही नहीं। यही नहीं, वहां खड़े दिल्ली पुलिस के मुकदर्शक बने रहे।

आनंद विहार बस अड्डे पर भी ऑटो वालों की लूट जारी थी, यहां भी ज्यादातर ऑटो पर से हेल्पलाइन नंबर नदारद थे। एक ऑटोवाले से मयूर विहार फेज-1 चलने की बात की।
रिपोर्टर- मयूर विहार फेज 1 में पड़ता है
ऑटो ड्राइवर- हैं बैठिए
रिपोर्ट- कितने पैसे
ऑटो ड्राइवर- मीटर से चलिएगा या ऐसे बता दो
रिपोर्टर- आप ऐसे बता दो मीटर से बता दो
ऑटो ड्राइवर- 150 रुपए दे दीजिएगा
रिपोर्ट- और मीटर से
ऑटो ड्राइवर- मीटर से बैठ जाएगा जो आएगा वो दे देना

ये पहला ऑटो वाला था जो मीटर से चलने के लिए इतनी जल्दी तैयार हो गया। लेकिन बाकी जितने ऑटोवालों से बात हुई वो मीटर से चलने को तैयार नहीं हुए, 16 दिसंबर को हुई दिल्ली में गैंगरेप की वारदात के बाद भी इन ऑटोवालों का रवैया नहीं बदला।

First published: January 16, 2013
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