स्वराज इंडिया पार्टी ने चुनाव चिन्ह्र का ये निकाला हल, अब उम्मीदवार मांगेंगे चिन्ह्र

नासिर हुसैन | News18India.com
Updated: April 5, 2017, 11:58 AM IST
स्वराज इंडिया पार्टी ने चुनाव चिन्ह्र का ये निकाला हल, अब उम्मीदवार मांगेंगे चिन्ह्र
फाइल फोटो
नासिर हुसैन | News18India.com
Updated: April 5, 2017, 11:58 AM IST
एमसीडी चुनावों के जरिए चुनावी राजनीति में पहली बार हाथ आजमा रही स्वराज इंडिया ने कॉमन सिंबल के मसले पर हो रही परेशानी का हल ढूंढ़ लिया है.

बता दें कि कोर्ट ने स्वराज इंडिया पार्टी को दिल्ली एमसीडी के चुनाव में एक चिन्ह्र देने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद उसे काफी मुश्किल हो रही थी. लेकिन अब पार्टी नेता योगेन्द्र यादव ने सभी उम्मीदवारों को एक चिन्ह्र मांगने के निर्देश जारी किए हैं.

ये था चुनाव चिन्ह्र का मुद्दा

चुनाव आयोग ने रजिस्टर्ड पार्टी होने के बाद भी स्वराज इंडिया को कॉमन सिंबल नहीं दिया था. मामले में कोर्ट में याचिका भी डाली गई, हालांकि कोर्ट ने स्वराज इंडिया को कॉमन सिंबल देने से मना कर दिया, जिसके बाद पार्टी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने भी ये कहकर स्वराज पार्टी को झटका दे दिया कि 31 रजिस्टर्ड और 11 गैर रजिस्टर्ड पार्टियां एक चुनाव चिन्ह्र मांग रही हैं. अगर हम किसी एक पार्टी को राहत देते हैं तो ये औरों के साथ गलत होगा. और फिर ईवीएम पर हर उम्मीदवार का फोटो लगी होगी तो इससे कोई परेशानी सामने नहीं आने वाली है.

योगेन्द्र यादव ने ये निकाला हल

स्वराज इंडिया पार्टी के योगेन्द्र यादव ने न्यूज 18 हिन्दी से बातचीत में बताया कि अब हमारे सभी उम्मीदवार चुनाव आयोग से एक चिन्ह्र की मांग करेंगे. उनका कहना है कि एक चुनाव चिन्ह्र न होने के हालात में सभी उम्मीदवारों से चिन्ह्र के विकल्प मांगे जाते हैं. उम्मीदवारों को तीन विकल्प आयोग को देने होते हैं.

उन्होंने कहा कि हमने अपने उम्मीदवारों से कहा है कि वह तीन विकल्प में पहले स्थान पर एक ही चिन्ह्र की मांग करें. सभी उम्मीदवारों का पहला विकल्प सीटी होगी. इस तरह से हम पूरे 250 नहीं तो कम से कम सवा दो सौ सीट पर तो एक ही चिन्ह्र पाने में सफल हो ही जाएंगे. जहां एक ही चिन्ह्र सीटी के लिए दो या दो से अधिक दावेदार होंगे वहीं हमे थोड़ी दिक्कत आएगी.

योगेन्द्र बोले दिल्ली की तीन तरह से करेंगे सफाई

चुनावी मुद्दों की बात पर उनका कहना है कि हम ईमानदारी से राजनीति करने वाले लोग हैं. हम किसी तरह के कोई दावे नहीं करते हैं. हमारा पूरा ध्यान दिल्ली को साफ रखने, दिल्ली की हवा को तरोताजा बनाना और एमसीडी में फैले भ्रष्टाचार को साफ करना होगा.

ईवीएम पर लगातार उठ रहे सवालों के बारे में उनका कहना था कि ईवीएम चुनाव की एक संवैधानिक प्रक्रिया है. ईवीएम पर आरोप लगाना बंद कर देना चाहिए.

चुनाव चिन्ह्र से पार्टी पर रहता है फोकस

द स्‍टडी ऑफ सोसाइटी एण्‍ड पॉलीटिक्‍स के निदेशक एके वर्मा बताते हैं कि जब किसी भी पार्टी का एक चुनाव चिन्ह्र होता है तो वोटरों को उम्मीदवार और पार्टी पर एक साथ फोकस करने में आसानी रहती है. चुनाव चिन्ह्र होने से वोटर को ये पता होता है कि ये उस पार्टी का निशान है और उसका उम्मीदवार फलां इंसान है. ये स्थिति साफ न होने पर वोट खराब होने की आशंका बनी रहती है.
First published: April 5, 2017
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