जब कोर्टरूम में जिंदा हो गईं भंवरी देवी?

News18Hindi
Updated: June 19, 2017, 6:51 PM IST
जब कोर्टरूम में जिंदा हो गईं भंवरी देवी?
इंद्रा बिश्नोई के दिए नए बयान से फिर सुर्खियों में हैं भंवरी देवी
News18Hindi
Updated: June 19, 2017, 6:51 PM IST
 -कुणाल चौहान/ भवानी सिंह
सत्ता का सुख और सुख की बेलगाम चाहत इंसान को भंवरी देवी बना देती है, जिसकी शुरूआत और अंत दोनों ही घातक होते हैं। ऐसे ही चाहतों की इबारत का नाम है भंवरी देवी। एक नट परिवार से ताल्लुक रखने वाली खूबसूरत नैन-नक्स वाली भंवरी देवी को बतौर एएनएम की नौकरी मुफीद नहीं लगी, क्योंकि दायरों से इतर बुने एक बड़े सपनों को जीने के लिए भंवरी वो सब कुछ कर गुजरने से गुरेज नहीं करती है, जिसे एक मध्यवर्गीय परिवार आज भी अमर्यादित मानता है. यह नशा ही था जब भंवरी देवी को एक नर्स की नौकरी नागवार गुजरने लगी और वह अपनी खूबसूरती को सीढ़ी बनाकर पहले मॉडलिंग, फिर हीरोइन बनकर चमक-दमक से भरी जिंदगी जीना चाहती थीं और ऊंचे रसूखदार लोगों के बीच पैठ बनाना चाहती थीं। लेकिन चाहतों के परवाज़ कब नियंत्रित होते है, वो तो खिलंदड़े होते हैं.

भंवरी देवी हत्याकांड मामले में उस वक्त एक नया भूचाल आ गया है जब भंवरी देवी के अपहरण और हत्या की महत्वपूर्ण कड़ी रही इन्द्रा बिश्नोई ने कोर्ट को दिए एक हालिया बयान में कहा कि भंवरी देवी न केवल ज़िंदा है, बल्कि बेंगलुरू शहर में रह रही है।

करीब 6 साल तक CBI को चकमा देने वाली इंदिरा बिश्नोई ने भले ही अब साध्वी का चोला पहन लिया हो, लेकिन वो अपनी चालबाज़ी से बाज़ नहीं आ रही है. इंदिरा बिश्नोई ने ये कह कर सबको चौंका दिया कि जिस भंवरी देवी को सब मरा हुआ मान रहे हैं उस भंवरी का कभी क़त्ल हुआ ही नहीं और भंवरी आज भी ज़िदा है.

हालांकि अब तक हुई जांच के मुताबिक भंवरी देवी के एक बेटी के पिता मलखान सिंह है. ये बात डीएनए जांच में साबित हो चुकी है. इंदिरा ने उस वक्त सीबीआई से पूछताछ में कहा था कि अगर वो मुंह खोलेगी तो कई बड़े चेहरे फंस जाएंगे.

बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड
सिंतबर 2011 में बहुचर्चित भंवरी देवी के क़त्ल के ख़ुलासे के बाद 3 दिसंबर 2011 को इंदिरा बिश्नोई फ़रार हो गई थी. राजस्थान ATS के मुताबिक जोधपुर से फ़रार होने के बाद इंदिरा मध्य प्रदेश के देवास पहुंच गई थी. क़ानून की गिरफ़्त से बचने के लिए इंदिरा ने अपना हुलिया और नाम दोनों बदल लिए थे.

देवास के लोगों के लिए इंदिरा अब एक संन्यासिन थी और लोग उसे गीता बाई जीजी या फिर पंडित जी के नाम से जानते थे. इतना ही नहीं इन 6 सालों के दौरान क़ानून की नज़रों में धूल झोंकने की गरज से इंदिरा एक मामूली सी ज़िंदगी जी रही थी.

6 साल तक CBI इंदिरा की तलाश करती रही और उसने इंदिरा की ख़बर देने वाले को 5 लाख रुपए का इनाम की भी घोषणा कर रखी थी, लेकिन करीब 3 महीने पहले यानि फरवरी 2017 में राजस्थान ATS को अपने एक मुखबिर के ज़रिए जानकारी मिली की इंदिरा बिश्नोई मध्य प्रदेश के देवास के एक छोटे से गांव नेमावर में छिपी हुई है. इसके बाद राजस्थान की ATS टीम ने इंदिरा बिश्नोई पर नज़र रखी और जब शक यकीन में बदल गया तो ATS टीम ने इंदिरा को गिरफ़्तार कर लिया.

बताया जा रहा है कि इंदिरा को नेमावर में जिस परिवार ने शरण दी थी वो जोधपुर के पास का रहने वाला है और इंदिरा के परिवार से परिचित था.ये परिवार करीब 50 साल पहले देवास में आकर रहने लगा था और शायद यही वजह है कि 6 साल तक इंदिरा क़ानून की नज़रों से छिप कर नेमावर में अपनी ज़िंदगी बिता रही थी.

सेक्स, सत्ता और साजिश की भंवरी देवी
नर्स भंवरी देवी की कहानी भारतीय सियासत का वो गंदा चेहरा दिखाता है जिसका खुलासा सत्ता,सेक्स सीडी और साज़िश और क़त्ल की एक बदरंग कहानी की शक्ल में नज़र आता है.राजस्थानी गानों की वीडियो एल्बमों के जरिए भंवरी की खूबसूरती के चर्चे जोधपुर से जयपुर तक पहुंचे थे और इन्हीं एल्बमों की बदौलत एक मामूली नर्स देखते ही देखते इतनी ताकतवर बन गई कि उसने खुलेआम ये कहना शुरू कर दिया था कि उसके पास एक ऐसी सीडी है जो तीन दिन में अशोक गहलोत की सरकार गिरा सकती है.

भंवरी की ज़िंदगी जितनी सनसनीखेज़ रही दरअसल उसका गुज़रा हुआ कल उससे भी कहीं ज्यादा दिलचस्प था. नट बिरादरी से ताल्लुक रखनेवाली एक मामूली से परिवार की भंवरी देखते ही देखते कब सियासी हल्कों की एक रसूखदार महिला बन गई, ये खुद उसके शौहर को भी नहीं पता चला.

मामूली से गैर-मामूली हुईं भंवरी
साल 2003 में भंवरी को राजस्थान में एक सरकारी डिस्पेंसरी में एएनएम यानि नर्स के नीचे वाली पोस्ट पर एक मामूली सी सरकारी नौकरी मिली थी और जब भंवरी को नर्स की नौकरी मिली तब उसका पति अमरचंद राजनट ड्राइवर हुआ करता था, लेकिन साल 2011 तक भंवरी की हैसियत बदल चुकी थी, क्योंकि साल 2011 तक भंवरी के ताल्लुकात राज्य के बड़े-बड़े मंत्रियों और सियासतदानों से बन चुके थे.

दरअसल, नर्स भंवरी देवी की कहानी साल 2003 से शुरु हुई. साल 2003 में भंवरी देवी की पोस्टिंग जोधपुर के नजदीक पैनन कस्बे के एक सरकारी अस्पताल में बतौर नर्स हुई थी, लेकिन भंवरी देवी पर तो मॉडलिंग और राजस्थानी गानों की वीडियो एल्बम को सीढ़ी बना कर राजस्थानी फिल्मों की हीरोइन बनने का फ़ितूर सवार था.

लिहाजा अपने इस सपने को पूरा करने के चक्कर में वो अपनी ड्यूटी पर जाना भूल जाती थी. उसके इसी रवैये से परेशान गांववालों ने उसकी शिकायत जिले के कलेक्टर से की तो उन्होंने भंवरी देवी को नौकरी से सस्पेंड कर दिया.

बदल गई थी भंवरी देवी की जिंदगी
अपनी नौकरी बचाने की गरज से भंवरी इलाके के विधायक मलखान सिंह के पास गई. सूत्रों के मुताबिक मलखान सिंह ने ही भंवरी को मंत्री महिपाल मदेरणा से मिलवाया था. फिर दोनों ने मिलकर ना सिर्फ भंवरी देवी की नौकरी बचाई बल्कि उसकी नई पोस्टिंग उसके घर के नजदीक जालीवाड़ा के सरकारी अस्पताल में भी करवा दी और इसी के बाद शुरू हुई एक नई भंवरी देवी की कहानी.

गुजरते वक्त के साथ भंवरी मलखान सिंह और महिपाल दोनों के करीब होती चली गई और देखते ही देखते भंवरी की ज़िंदगी बदल गई. महिपाल मदेरणा को सियासत विरासत में मिली थी.महिपाल मदेरणा के पिता परसराम मदेरणा सूबे के एक दिग्गज कांग्रेसी नेता थे और राजस्थान के कैबिनेट मिनिस्टर रह चुके थे.

मलखान सिंह भी अपने ज़माने के एक कद्दावर नेता राम सिंह बिश्नोई के बेटे हैं और राम सिंह बिश्नोई भी राजस्थान विधानसभा में कैबिनेट मंत्री रह चुके थे, लेकिन अशोक गहलोत सरकार में महिपाल मदेरणा का कद ऊंचा था लिहाज़ा ये बात मलखान सिंह और उनकी बहन इंदिरा बिश्नोई को अंदर ही अंदर खाए जा रही थी.

सेक्स सीडी और ब्लैकमेलिंग का खेल
भंवरी देवी ने करीब 6 साल तक सूबे के रखूखदार सियासतदानों के साथ रह कर सुख भोगा, लेकिन साल 2009 में अचानक एक फैली अफवाह ने एक बार फिर भंवरी की ज़िंदगी में तूफ़ान ला दिया. ख़बर आई कि भंवरी के पास महिपाल मदेरणा की सेक्स सीडी है और वो उन्हें ब्लैकमेल कर रही है. जैसे ही ये ख़बर आई तो महिपाल मदेरणा और मलखान सिंह दोनों ने भंवरी से दूरी बना ली.

बस इस ख़बर के बाद साल 2011 में भंवरी देवी के रिश्ते महिपाल मदेरणा और मलखान सिंह दोनों से ख़राब हो गए, लेकिन इस बीच भंवरी की सेक्स सीडी की खबर जोधपुर से बाहर जयपुर के राजनीतिक गलियारों से होते हुए मीडिया तक भी पहुंच चुकी थी.

सियासी खेल में इंदिरा बिश्नोई की एंट्री
अपनी कुर्सी और साख जाते देख महिपाल मदेरणा और मलखान सिंह ने एक नई चाल चली और भंवरी की कहानी में उस किरदार की एंट्री हुई जिसकी शह पर ही भंवरी ने ये सेक्स सीडी का खेल खेला था और ये किरदार था मलखान सिंह की बहन इंदिरा बिश्नोई. इस किरदार के आते ही सीन कुछ-कुछ बदल गया और अचानक मंत्री महिपाल, विधायक मलखान सिंह और भंवरी देवी के बीच के तमाम गिले-शिकवे दूर हो गए.

दरअसल, इंदिरा अपने भाई मलखान सिंह को मंत्री पद पर देखना चाहती थी, लेकिन महिपाल मदेरणा के रहते हुए ये मुमकिन नहीं था. लिहाज़ा उसने ही भंवरी को उसकी और महिपाल मदेरणा की सेक्स सीडी बनाने के लिए उकसाया और फिर अपने प्लान के मुताबिक उसने ही भंवरी को सीडी का सौदा करने के लिए कहा?

चूंकि इंदिरा जानती थी कि महिपाल मदेरणा की सेक्स सीडी बाहर आते ही राजस्थान की सियासत में भूचाल आ जाएगा और मदेरणा को मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा...मदेरणा के हटते ही उसका भाई मलखान सिंह उस कुर्सी पर क़ाबिज़ होगा जहां वो मलखान सिंह को देखना चाहती थी. इस बात की तस्दीक सीबीआई को इंदिरा बिश्नोई और भंवरी के बीच हुई एक मोबाइल रिकॉर्डिंग से हो गई.

CBI की तफ्तीश और चार्जशीट के मुताबिक महिपाल मदेरणा, मलखान सिंह और इंदिरा बिश्नोई तीनों जानते थे कि जब तक भंवरी के हाथ में सीडी है उनकी जान उसकी मुट्ठी में रहेगी. लिहाज़ा तीनों ने भंवरी को रास्ते से हटाने का फ़ैसला कर लिया. उन्होंने भंवरी को रास्ते से हटाने का ज़िम्मा सहीराम बिश्नोई को दिया.

भंवरी देवी को रास्ते से हटाने की तैयारी
सही राम ने भंवरी की सुपारी सोहन लाल और शहाबुद्दीन को दी. फिर अपने प्लान के मुताबिक सोहन लाल ने पहले तो भंवरी से बातचीत कर उसका विश्वास जीत लिया और फिर उससे सेक्स सीडी की सौदेबाज़ी की बातचीत की.भंवरी सोहनलाल पर विश्वास करने लगी थी और उसके कहने के मुताबिक वो काम भी कर रही थी.

अपनी तफ्तीश के दौरान CBI को भंवरी और सोहनलाल के बीच हुई दो फोन रिकॉर्डिंग मिली जिनसे ये साबित हुआ कि सोहन लाल ने भंवरी को एक सितंबर 2011 को पैसे लेने के लिए बिलाड़ा गांव बुलाया था. सोहनलाल के बयान के मुताबिक भंवरी तय वक्त पर उससे मिलने बिलाड़ा पहुंच गई थी. इसके बाद उसने भंवरी को वहां पहले से ही मौजूद शहाबुद्दीन के हवाले कर दिया. शहाबुद्दीन उसी वक्त भंवरी को बोलेरो गाड़ी में बिठा कर वहां से किसी अनजान जगह के लिए चला गया.

50 लाख में हुई थी सेक्स सीडी की डील
दरअसल, भंवरी ने महिपाल मदेरणा की अश्लील सीडी की डील 50 लाख रुपये में तय की थी और उसके अपहरण से पहले 8 अगस्त 2011 को सहीराम और शहाबुद्दीन के बीच जयपुर के सर्किट हाउस में मीटिंग हुई थी, जिसके बाद शहाबुद्दीन ही राजूभाई बनकर भंवरी से मिलने पहुंचा. एक बोलेरो गाड़ी में शहाबुद्दीन, सोहनलाल और भंवरी ने सीडी देखी और सीडी हाथ में आने के बाद भंवरी देवी का कत्ल कर दिया गया.

CBI ने भंवरी की मौत के करीब 4 महीने बाद इस बात की तस्दीक की थी नर्स भंवरी देवी का क़त्ल हो चुका है और इस दौरान CBI ने इस केस के मुख्य आरोपियों महिपाल मदेरणा, मलखान सिंह, सही राम बिश्नोई, सोहन लाल, शहाबुद्दीन और बिश्नाराम बिश्नोई को अपनी गिरफ़्त में ले लिया और जब CBI ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की तो इस केस के मास्टरमाइंट का नाम सुन कर हर कोई हैरान रह गया.

भंवरी देवीः ग्लैमर, सेक्स और ब्लैकमेलिंग की कहानी

मास्टरमाइंड निकलीं इंदिरा बिश्नोई
CBI के मुताबिक महिपाल मदेरणा की सेक्स सीडी, फिर उसकी सौदेबाज़ी और आखिर में भंवरी का क़त्ल. इस सब की साज़िश इंदिरा बिश्नोई ने ही रची थी. दरअसल इंदिरा अपने भाई मलखान सिंह को मंत्री पद पर देखना चाहती थी, लेकिन महिपाल मदेरणा के रहते हुए ये मुमकिन नहीं था.

लिहाज़ा उसने ही भंवरी को उसकी और महिपाल मदेरणा की सेक्स सीडी बनाने के लिए उकसाया और फिर अपने प्लान के मुताबिक उसने ही भंवरी को सीडी का सौदा करने के लिए कहा, लेकिन ये भी इंदिरा के ही प्लान का एक हिस्सा था और बाद में सोहन लाल और शहाबुद्दीन ने भंवरी का अपहरण कर उसे बिश्नाराम बिश्नोई के हवाले कर दिया.

इसके बाद बिश्नाराम ने अपने साथी कैलाश जाखड़ के साथ मिलकर पहले तो चलती गाड़ी में भंवरी का क़त्ल किया. फिर इसके बाद उसकी लाश को जालौड़ा के जंगलों में जलाया और उसकी हड्डियों को पास की एक नहर में फेंक दिया.

भंवरी के कत्ल में पति भी था शामिल
सीबीआई के मुताबिक भंवरी के क़त्ल की साज़िश में उसका पति अमरचंद भी शामिल था और जिस दिन भंवरी का क़त्ल होना था उसे पहले से ही उस साज़िश का पता था यानि जिस भंवर की साज़िश भंवरी रच रही थी वो खुद उसके भंवरजाल में फंस कर मारी गई.

सत्ता, सेक्स और साजिश...यह सुनने में चाहे कितना ही अजीब क्यों न लगे, लेकिन इनका आपसी रिश्ता हमेशा से गहरा रहा है और हक़ीकत भी यही है कि सत्ता के नशे में चूर नेताओं के दामन पर जब-जब दाग़ लगता है, हर बार किसी ऐसे ही रिश्ते की हकीकत एक नई कहानी के साथ सामने आ जाती है.

भंवरी देवी मर्डर केस के आरोपी-
1-महिपाल मदेरणा
2- मलखान सिंह
3- सही राम
4 -परस राम
5 -सोहन लाल
6- शहाबुद्दीन
7- बिश्नाराम
8 -कैलाश जाखड़
9 -अमरचन्द
10 -दिनेश
11 -पुखराज
12 -रेशमा राम
13 -उमेशा राम
14 -ओम प्रकाश
15 -कुम्भाराम ऊर्फ बलिया
16 -अशोक
17 -इंद्रा बिश्नोई
First published: June 19, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर