बिना एडमिशन ऐसे तैयार होती थी मुन्नाभाई MBBS की खेप!

News18Hindi
Updated: June 17, 2017, 4:26 AM IST
बिना एडमिशन ऐसे तैयार होती थी मुन्नाभाई MBBS की खेप!
फर्जी डिग्री रैकेट का सरगना गिरफ्तार
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Updated: June 17, 2017, 4:26 AM IST
-शिव ओम गुप्ता
अगली बार जब कभी आप किसी नामी कॉलेज, यूनीवर्सिटी या स्कूल में दाखिले के बारे में सोचें और मेरिट अच्छी नहीं होने के कारण उसमें दाखिला पाने से वंचित रह गए हैं, तो घबराए नहीं? कुछ ऐसा ही प्रलोभन आजकल इंटरनेट पर एक फर्जी डिग्री दिलाने वाली एक रैकेट दे रही है, जो न केवल नामी कॉलेजों की डिग्री उपलब्ध करवाने का दम भरती है बल्कि नामचीन स्कूलों की बाकायदा मार्कसीट देने का भी दावा करती है. तो सावधान रहें, क्योंकि ऐसे फर्जी डिग्री दिलाने वाली रैकेट के अगले शिकार आप या आपका कोई संबंधी भी हो सकता है.

कोलकाता में एक ऐसा रैकेट पकड़ में आया है, जो ऐसे निराश युवाओं को इंटरनेट के जरिए फंसाती है, जो किसी भी हालत में नामी कॉलेज की डिग्री चाहते हैं. इंटरनेट पर सक्रिय यह रैकेट पहले लोगों को नामी कॉलेज व स्कूल में दाखिले के नाम पर फुसलाता था. फिर उन्हें फांसकर किसी भी कोर्स की फर्जी डिग्री बेंचने का प्रलोभन देता था. इनमें मेडिकल, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की डिग्री शामिल है.

कोलकाता में रंगे हाथों पकड़ा गया फर्जी डिग्री रैकेट
कोलकाता में रंगे हाथों पकड़ा गया फर्जी डिग्री रैकेट


दरअसल, कुछ दिनों पहले सीआईडी की निशानदेही पश्चिम बंगाल में पर फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा एक अभियान चलाया था। इस अभियान की जद में 550 से अधिक फर्जी डॉक्टरों की पहचान की गई थी.

राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया अभियान तब शुरू हुआ जब प्रदेश में चिकित्सीय लापरवाही के कारण कई मरीजों की मौत हो गई. चूंकि यह मामला काफी गंभीर था और इसी दौरान राज्य मेडिकल परिषद् को प्रदेश में बड़ी संख्या में फर्जी डाक्टरों के सक्रिय होने की भी सूचना मिली थी, जो मरीजों की जिंदगी से खेल रहे थे.

सीआईडी की छानबीन के बाद पता चला कि कई अन्य इलाकों के अलावा कोलकाता में एक फर्जी डिग्री दिलाने वाला कोई रैकेट सक्रिय है, जो लोगों को एमबीबीएस की फर्जी डिग्री बांट रहा है. कोलकाता पुलिस ऐसे 550 फर्जी डाक्टरों की तलाश थी, जो पूरे पश्चिम बंगाल में एक्टिव थे। इसी क्रम में कोलकाता पुलिस फर्जी डिग्री बांटने वाली रैकेट की भी खोजबीन शुरू कर दी।

जल्दी ही पुलिस के हाथ कोलकाता में एक ऐसा ही रैकेट लग गया, जो इन धंधों में सक्रिय था। कोलकाता पुलिस ने रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए अब तक 4-5 लोगों को गिरफ्तार किया है. फर्जी डाक्टरों और डिग्री रैकेट के खिलाफ कोलकाता पुलिस की इस मुहिम में न्यूज18 टीम और एक एनजीओ भी शामिल थे.

मनचाही कैसी भी डिग्री लीजिए
पकड़े गए रैकेट से आप मनचाहे कॉलेज व यूनीवर्सिटी से एमबीए, आर्ट्स, इंजीनियरिंग और एमबीबीएस की डिग्री आसानी से हासिल कर सकते थे। यानी बिना कॉलेज व स्कूल में एडमिशन लिए 5 से 6 हजार में किसी भी शिक्षण संस्थान की डिग्री यहां हासिल की जा सकती थी.

कोलकाता में सक्रिय उक्त फर्जी डिग्री रैकेट से कभी भी मनचाही मार्कशीट और सर्टीफिकेट हासिल किए जा सकते थे. यह रैकेट पश्चिम बंगाल के पटौली में लंबे समय से चलाया जा रहा था. फिलहाल रैकेट के सरगना हरकिशोर तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

इंटरनेट पर देता था लुभावने विज्ञापन
निओस ग्रुप ऑफ एजुकेशन के नाम से चलाए जा रहे रैकेट का सरगना हरिकिशोर तिवारी पहले इंटरनेट पर लुभावने विज्ञापन देकर जाल में फंसाता था. शुरुआत में किसी भी जाने-माने और प्रतिष्ठित कॉलेज या कोर्स में दाखिले का भरोसा देने के बाद जब छात्र और उनके अभिभावक उनसे संपर्क करते थे तो वह उन्हें दूसरा ऑफर यानी बिना एडमिशन लिए ही डिग्री उपलब्ध कराने की बात कहता था.

बेहद ही शातिर रैकेट के कर्मचारी उन्हीं ग्राहकों पर डोरे डालते थे, जिसके बारे में उन्हें उम्मीद होती थी कि फलां उनके शिकंजे में आ सकते हैं. यानी उन्हीं लोगों को ही तवज्जो दिया जाता था, जो फर्जी डिग्री या मार्कशीट खरीदने को तैयार हो सकते हैं.

फर्जी डिग्री रैकेट की शिकार हुई छात्राएं
फर्जी डिग्री रैकेट की शिकार हुई छात्राएं


ऐसे हुआ रैकेट का भंडाफोड़
फर्जी डिग्री बेंचने वाले रैकेट के बारे में सूचना मिलने पर एक एनजीओ ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई. एनजीओ का एक सदस्य निओज ग्रुप ऑफ एजुकेशन के पास पहुंचा. माध्यमिक सर्टीफिकेट का सौदा 6000 रुपयों में तय हो गया. बतौर एडवांस 4000 रुपए भी चुका दिए गए और दो दिन बाद जब सर्टीफिकेट की डिलीवरी होनी थी तो संस्था ने रैकेट को रंगे हाथ पकड़ने के लिए सूचना दे दी।

मिले कई यूनीवर्सिटी/बोर्ड के सर्टीफिकेट्स
एनजीओ की निशानदेही पर अगले दिन फर्जी सर्टीफिकेट की डिलीवरी होनी थी. एनजीओ पुलिस को साथ लेकर गई थी. रैकेट के अड्डे पर पहुंची एनजीओ को जब फर्जी डिग्री की डिलीवरी करनी चाही तो पुलिस ने आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस को पकड़े गए आरोपियों के पास से कई विश्वविद्यालयों और शिक्षा बोर्डों के अलग-अलग कोर्सों के फर्जी डिग्री व सर्टीफिकेट मिले. पुलिस ने रैकेट सरगना हरिकिशोर तिवारी समेत तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. कोलकाता पुलिस का मानना है इस हाइप्रोफाइल रैकेट के तार कई और लोगों से जुड़े हो सकते हैं और इनके जाल कई और प्रदेशों में फैले हो सकते हैं।

छापेमारी में बरामद हुए कई यूनीवर्सिटी के फर्जी सर्टीफिकेट्स

पश्चिम बंगाल में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान की मुहिम का आगाज सिलसिलेवार ढंग से हुए कई मरीजों की मौत के बाद हुआ। इस मामले में जब राज्य सरकार ने सीआईडी से जांच की गई तो पता चला कि प्रदेश में 550 से ज्यादा फर्जी डॉक्टर है और उनकी लापरवाही के कारण ही मरीजों की मौत हो रही है।

लेकिन फर्जी एमबीबीएस डिग्री वाले डाक्टरों और फर्जी डिग्री बेंचने वाले रैकेट की धरपकड़ के बाद अब सवाल उठ रहा है कि इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थाओं में भी ऐसे मुन्नाभाई मौजूद हो सकते हैं. इसलिए कोलकाता पुलिस रैकेट सरगना हरिकिशोर तिवारी से गहन जांच-पड़ताल कर रही है.

फर्जी डिग्री रैकेट की शिकार हुई छात्रा
फर्जी डिग्री रैकेट की शिकार हुई छात्रा
First published: June 16, 2017
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