सावधान! क्या आप भी ड्राइव करते हैं मारुति की कार?

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: July 13, 2017, 11:00 AM IST
सावधान! क्या आप भी ड्राइव करते हैं मारुति की कार?
Crime, Crime in Delhi NCR: गाजियाबाद में एक ही रात में चोरी हुईं 62 कारों की बैटरियां
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: July 13, 2017, 11:00 AM IST
क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप कार पार्क करके जब वापस लौटे और कार स्टार्ट करने की कोशिश को तो कार स्टार्ट नहीं हुई और बोनट उठाकर जांचा तो पाया कि कार की बैटरी अपनी जगह से नदारद थी? अगर आपके साथ ऐसा हो चुका है तो सावधान हो जाएं क्योंकि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक बैटरी चोर गिरोह नजर हटते ही आपकी गाड़ी से बैटरी चुराकर चंपत हो जाते हैं. यही नहीं, अगर आप मारूति-सुजुकी कंपनी की कार चलाते हैं, तो यकीन मानिए कि बैटरी चोर गिरोह से आपको डबल खतरा है, क्योंकि उक्त कार कंपनी की बैटरी पर इन चोरों की रहती है अधिक नजर...

मारुति-सुजुकी की कारों को बनाते हैं निशाना
सूत्र बताते हैं कि बैटरी चोर गिरोह मारुति-सुजुकी की कारों को अधिक निशाना बनाते हैं. अभी तक दिल्ली, हरियाणा और यूपी के जिन शहरों में कारों से बैटरी चोरी होने की सूचना आई है, वो सब मारुति-सुजुकी की कारों से ही चोरी हुई हैं. हाल ही में गाजियाबाद के कविनगर थाने की संजय नगर कॉलोनी से एक ही रात में 35 कारों से चोरी हुई थी. इतना ही नहीं, साहिबाबाद थाना क्षेत्र से भी एक ही रात में 27 बैटरी कारों से निकाली जा चुकी है जबकि हरियाणा और दिल्ली की कई कॉलोनियों से एक ही रात में 10-15 बैटरियां कारों से चोरी हो चुकी हैं.

हरियाणा, यूपी व दिल्ली में सक्रिय है गिरोह

बैटरी चोर यह गिरोह दिल्ली, हरियाणा और यूपी में अधिक सक्रिय है. पुलिस की आंखों में धूल झोंककर कारों की बैटरी चुराने वाला यह गिरोह सिर्फ कारों की बैटरियां ही चुराता है. अभी तक ये गिरोह सैकड़ों वारदातों को अंजाम दे चुका है, लेकिन दो अलग-अलग रातों की चोरियां खासी चर्चाओं में हैं. चर्चा में इसलिए हैं कि बैटरी चोर गिरोह के गुर्गों ने एक रात में 27 तो दूसरी रात में कुल 35 कारों की बैटरी एक साथ हाथ साफ किया था. यूपी, दिल्ली और हरियाणा समेत तीन राज्यों की पुलिस बैटरी चोर गिरोह के पीछे पड़ी हुई है, लेकिन गिरोह अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है.

सॉफ्ट टॉरगेट हैं मारुति-सुजुकी की कारें
इक्का-दुक्का घटनाओं को छोड़ दें तो अभी तक तीन राज्यों में बैटरी चोरी की जितनी घटनाएं भी सामने आई हैं उसमें मारुति-सुजुकी के अलावा कोई और दूसरी कंपनी की कारों से चोरों ने बैटरी नहीं चुराई हैं. आगरा स्थित एकता मोटर्स के मालिक फहीम खान बताते हैं कि चोर मारुति-सुजुकी की कार को इसलिए टॉरगेट करते हैं कि उसके बोनट को खोलना दूसरी कंपनी की कारों के मुकाबले बहुत ही आसान है.

दरअसल, मारुति कार में बोनट से जुड़ा तार राइट साइड के पहिए के ऊपर से होता हुआ बोनट के अंदर जाता है, लेकिन बोनट के पास लगे एंगिल के नजदीक उस तार को हाथ डालकर या फिर किसी भी तार में आगे की ओर हुक बनाकर बोनट से लगे तार में फंसाया जा सकता है. हुक फंसते ही आप तार को अपनी ओर आसानी से खींचा जा सकता है. इस तरह से एक ही झटके में बोनट खोलकर चोर बैटरी ले उड़ते हैं.

टाटा-मंहिद्रा कारों पर भी करते हैं हाथ सफाई
फहीम खान का कहना है कि बोनट खोलने के लिए जो सिस्टम मारुति की कारों में दिया गया है, ठीक वैसा ही सिस्टम टाटा और मंहिद्रा कंपनी की कार-जीप में भी दिया गया है. मारुति के मुकाबले टाटा-मंहिद्रा में बस फर्क इतना है कि उसके लिए कोई तार नहीं, बल्कि एक पेचकस जैसी वस्तु की जरूरत होती है. क्योंकि इनके बोनट का तार थोड़ा अंदर होते हुए बोनट से जाकर जुड़ता है.

मार्केट में नहीं बिकती है पुरानी बैटरी
बैटरी कारोबार से जुड़े जानकार बताते हैं कि आजकल कोई भी सैकेंड हैंड बैटरी इस्तेमाल नहीं करता है. हर कोई नई बैटरी ही खरीदता है. ब दिमाग में सवाल उठता है कि जब पुरानी बैटरी कोई नहीं खरीदता है तो फिर ये चोरी क्यों होती हैं? तो इस सवाल का जवाब है कि चोर बैटरी को उसमे लगे लैड को निकालने के लिए चोरी करते हैं. क्योंकि बाजार में पूरी बैटरी न बिककर लैड ही बिकता है. बैटरी से निकला लैड बाजार में 90 रुपये किलो तक बिक जाता है. एक बैटरी से कम से कम आठ से नौ किलो तक लैड निकल आता है.

लैड की कीमत से बढ़ती है बैटरी चोरी
बैटरी उत्पादन से जुड़े विकास सिंह बताते हैं कि बाजार में लैड की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार तय करता है. 100 और 110 रुपये किलो तक लैड की कीमत तो कॉमन है. लेकिन जैसे ही लैड की कीमत 125 और 150 रुपये पहुंचती है वैसे ही बैटरी चोरी की घटनाएं भी बढ़ने लगती हैं. इसकी वजह यह है कि कुछ लोग बैटरी उत्पादन के दौरान उसमे नया लैड लगाने की जगह पुराना लैड इस्तेमाल करते हैं. क्योंकि बैटरी दो साल इस्तेमाल हो या फिर पांच साल लेकिन लैड का कुछ नहीं बिगड़ता है. जो लैड बाजार में 60 से 65 रुपये किलो तक बिक रहा होता है, मांग बढ़ते ही उसकी कीमत 90 रुपये किलो तक पहुंच जाती है.

चोरी के माल के मिलते हैं एडवांस पैसे
बैटरी बाजार से जुड़े जानकारों की मानें तो आए दिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लैड के दाम घटते-बढ़ते रहते हैं. इस लिहाज से बैटरी उत्पादनकर्ताओं को आए दिन लैड की जरूरत पड़ती रहती है. इसलिए चोरी की बैटरी का लैड खरीदने के लिए व्यापारी कुछ लोगों को एडवांस में भी रुपये देते रहते हैं और जब लैड के अंतर्राष्ट्रीय दाम बढ़ते हैं तो बैटरी के कारोबारी सक्रिय हो जाते हैं. बाजार में यह खबर फैला दी जाती है कि लैड की जरूरत है. इससे बैटरी चोर गिरोह काम पर लग जाते हैं और बैटरी चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं.

पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा है बैटरी चोर गिरोह
सूत्रों की मानें तो बैटरी चुराने वाला यह गिरोह एक संगठित गिरोह है. यही कारण है कि इस गिरोह का कोई भी सदस्य अभी तक नहीं पकड़ा गया है. हालांकि इक्का-दुक्का बैटरी चुराने वाले चोर पकड़े जाते रहे हैं, लेकिन दिल्ली, यूपी और हरियाणा की पुलिस बैटरी चोर गिरोह पकड़ने में अभी तक नाकाम ही रही है.अभी हाल ही में गाजियाबाद पुलिस ने भी एक बैटरी चोर पकड़ा था. लेकिन बैटरी चुराने वाले गिरोह के बारे में अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है.
First published: July 12, 2017
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