अज़ब गैंग का गज़ब सरगना, मौत सामने देखी तो कर ली खुदकुशी!

News18Hindi
Updated: June 17, 2017, 4:51 AM IST
अज़ब गैंग का गज़ब सरगना, मौत सामने देखी तो कर ली खुदकुशी!
सरगना समेत पूरी गैंग ने मौत को गले लगा लिया
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Updated: June 17, 2017, 4:51 AM IST

-शिव ओम गुप्ता
गैंगस्टरों का एक ऐसा गैंग जिसका खौफ दो राज्यों में फैला हो, उस गैंग के सरगना को मौत से डर लगता है? जी हां, हरियाणा और पंजाब में सैंकड़ों जुर्म को अंजाम दे चुका यह गैंग जब पुलिस से खुद को घिरा हुआ पाता है तो मुकाबला करने के बजाय खुदकुशी कर लेता है. ये किसी कॉमेडी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि एक सच्ची घटना है. बात हो रही है हरियाणा और पंजाब में आतंक का पर्याय बन चुके जंपी गैंग की, जिन्होंने गैंगवार में न जाने कितने लोगों का खून बहाया, लेकिन जब खुद की  जान पर बन आई तो मुकाबला किए बिना ही बुजदिलों की तरह पूरी गैंग खुदकुशी कर लेती हैं.


हरियाणा और पंजाब के वाशिंदों के लिए जंपी गैंग किसी परिचय का मोहताज नहीं है. सिरसा से लेकर फरीदकोट में लूटमार, छिनैती, दहशतगर्दी और गैंगवार में जंपी गैंग की पहचान काफी पुरानी है. इन इलाकों में जंपी गैंग का इतना खौफ था कि आसपास के लोग इनके डर से थर-थर कांपते थे.


पर यह जानकर अब जरूर आश्चर्य होगा कि एक झटके से दूसरों की जिंदगी छीने लेने वाले जंपी गैंग के गैंगस्टर इतने कायर और डरपोक निकले कि पुलिस की घेरेबंदी में मुकाबला करने के बजाय पूरी गैंग खुदकुशी कर लेती है. यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यह कहानी सौ फीसदी सच्ची है।



हरियाणा और पंजाब में आजकल जंपी गैंग के गैंगवार की नहीं, बल्कि उनकी बुजदिली के किस्से टॉप चार्ट पर हैं। जंपी गैंग के सरगना जसप्रीत सिंह और उसके गुर्गों की कहानी सुनकर आज सिरसा और फरीदकोट के लोग भी अचंभित है. उन्हें भरोसा नहीं हो रहा कि जिस गैंग के दहशत से उनका जीना मुहाल था, उन्होंने मौत के डर से खुदकुशी कर ली है.




पुलिस की घेरेबंदी से निकल भागने में नाकाम रहे गैंगेस्टर
पुलिस की घेरेबंदी से निकल भागने में नाकाम रहे गैंगेस्टर

कहावत है कि किसी भी इलाके में पुलिस महकमे से ज्यादा पॉवरफुल दूसरा नहीं हो सकता है. जंपी गैंग के गुर्गों को देर से ही सही, लेकिन यह कहावत खुदकुशी करने से पहले जरूर याद आ गई होगी. वरना कितने ही मां, बहन और बेटी को बेवा बना चुका जंपी गैंग और उनके गुर्गे कम से कम अपनी ही बंदूक की गोली पर अपनी मौत का फंसाना नहीं लिखते. दिलचस्प बात यह है कि जंपी गैंग के गुर्गों के पास मौत के औजारों का एक बड़ा ज़खीरा भी बरामद किया गया बावजूद इसके उन्होंने खुदकुशी का रास्ता अख्तियार किया।


खुदकुशी करके मौत को गले लगाने वाले जंपी गैंग के तीनों में बदमाशों में पहला नाम था खुद जंपी गैंग का सरगना जसप्रीत सिंह उर्फ जिम्पी, जबकि दो अन्य गुर्गों की पहचान कमलजीत सिंह उर्फ बंटी और निशान सिंह के रुप में की गई. ऐसा लगता है गैंग सरगना जसप्रीत उर्फ जिम्पी ने मौत को बेहद निकट देख लिया था. शायद इसलिए उसने अपनी ही बंदूक की गोली से अपनी और साथियों की मौत का प्लान किया. जसप्रीत और कमलजीत ने तीसरे साथी निशांत के सीने में गोली मारकर हत्या करने के बाद एकदूसरे को गोली मारकर खुदुकशी की.


दरअसल, जंपी गैंग के तीनों गैंगस्टर्स के पीछे पंजाब और हरियाणा की पुलिस पिछले काफी दिनों से हाथ धोकर पड़ी थी. तीनों गैंगस्टर्स के खिलाफ दोनों सूबों के थानों में अपराधों की लंबी फेहरिस्त दर्ज है. लेकिन खाकी के कहर से बचने के लिए जंपी गैंग ने सिरसा के सुखेराखेड़ा रकबा गांव के एक अधबने मकान में पनाह ली थी, जो अब उनकी कब्रगाह बन चुकी है.




गैंगेस्टर की खुदकुशी के बाद आसपास पसरा सन्नाटा
गैंगेस्टर की खुदकुशी के बाद आसपास पसरा सन्नाटा

रिपोर्ट कहती है कि हरियाणा और पंजाब पुलिस को जब जंपी गैंग नए ठिकाने का पता चला तो उन्हें दबोचने के लिए सिरसा के सुकेराखेड़ा रकबा गांव के अधबने मकान में तीनों को दबोचने की योजना तैयार की गई.मौका मिलते ही दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त रुप से गैंग के ठिकाने की घेरेबंदी की और उन्हें लगभग भी दबोच चुकी थी.


लेकिन दहशत के पर्याय माना जाने वाला जंपी गैंग डरपोक, कायर और कमजोर ही नहीं, बुजदिल भी निकला, जो पुलिस से मुकाबला करने अथवा सरेंडर करने की जगह खुदकुशी को चुनती है. जंपी गैंग को उनके घर में दबोचने के लिए पुलिस ने अहले सुबह ही उस अधबने मकान को चारों तरफ से घेर लिया था, जिससे उनके पास उस मकान से निकल भागने का कोई रास्ता नहीं था.


पुलिस ने गैंगस्टर कमलजीत सिंह बंटी,जसप्रीत सिंह जंपी और निशान सिंह के ठिकाने से एक 317 बोर रायफल के साथ 6 जिंदा कारतूस मिले, दो .30 बोर की पिस्टल के साथ 85 जिंदा व 5 खाली कारतूस, एक .32 बोर के रिवाल्वर के साथ 29 जिंदा व 6 खाली कारतूस और एक .32 बोर की पिस्टल के साथ 24 जिंदा व 4 खाली कारतूस के अलावा एक सफेद स्कॉर्पियो और दो मोबाइल फोन व 20, 000 रुपए नकद बरामद किए.

First published: June 16, 2017
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