डीसीपी ने रेप की जांच में बरती लापरवाही, कोर्ट ने दिए कार्रवाई के आदेश

आईएएनएस
Updated: April 21, 2017, 11:37 PM IST
डीसीपी ने रेप की जांच में बरती लापरवाही, कोर्ट ने दिए कार्रवाई के आदेश
दिल्ली की एक अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले की सही तरीके से जांच न करने पर दिल्ली के पुलिस आयुक्त को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
आईएएनएस
Updated: April 21, 2017, 11:37 PM IST
दिल्ली की एक अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले की सही तरीके से जांच न करने पर दिल्ली के पुलिस आयुक्त को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने पाया कि एक पुलिस उपायुक्त ने दुष्कर्म के एक मामले में जारी समन के गुम होने के मामले की सही तरीके से जांच नहीं की.

ये भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस की सफाई, लापता नजीब का आईएस से संबंध नहीं

साल 2016 में उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर पुलिस थाने में चार लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया था.

अदालत ने दुष्कर्म के मामले में जांच अधिकारी को एक समन जारी किया था. इसे पुलिस ने गुम कर दिया था. इसके बाद अदालत ने इसकी जांच का आदेश दिया था.

पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था उन्हें समन मिला ही नहीं था और शायद उसे अदालत ने जारी ही नहीं किया था. लेकिन बाद में पाया गया कि जांच अधिकारी को समन जारी किया गया था.

ये भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस में हैं जरूरत से ज्यादा लोग: हाई कोर्ट

इसके बाद, अदालत ने डीसीपी को जांच करने का निर्देश दिया. जब डीसीपी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी तो अदालत ने पाया कि जांच सही तरीके से नहीं की गई है.

अदालत ने कहा, 'डीसीपी केवल एक सिपाही और एक सहायक उप-निरीक्षक से पूछताछ के अलावा और कुछ नहीं किया. इसके अलावा, डीसीपी ने अदालत का रिकॉर्ड देखकर यह तक जानने की जहमत नहीं उठाई कि समन जारी किया भी गया था या नहीं.'

ये भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने वीआईपी काफिले के लिए एम्बुलेंस का रास्ता रोका

अदालत के मुताबिक, 'समन के बारे में उन्होंने अदालत में पोस्टेड पुलिस अधिकारी तक से पूछताछ नहीं की.'

अदालत ने कहा कि मौका देने के बावजूद डीसीपी समय सीमा के अंदर जांच पूरी करने में नाकाम रहे.

अदालत ने मामले में पुलिस प्रमुख को उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त और मामले से संबंधित एक सहायक पुलिस उपायुक्त के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
First published: April 21, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर