जेएनयू: एमफिल के छात्र ने की आत्महत्या, लगाया एडमिशन में भेदभाव का आरोप

Updated: March 14, 2017, 3:38 PM IST
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दिल्ली के  जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के 27 साल के एक छात्र ने दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके में सोमवार शाम डिप्रेशन के चलते कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने बताया कि रजनी कृष नाम का यह युवक जेएनयू में एमफिल का छात्र था.

एमफिल-पीएचडी दाखिले में भेदभाव का आरोप लगाया

पुलिस के मुताबिक कृष निजी कारणों को लेकर डिप्रेशन में था जबकि उसके दोस्तों ने उसका फेसबुक पोस्ट साझा किया जिसमें उसने एमफिल और पीएचडी के दाखिले में कथित भेदभाव का आरोप लगाया था. उसने 10 मार्च को किए फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि एमफिल पीएचडी एडमिशन में कोई समानता नहीं है, मौखिक परीक्षा में कोई समानता है.

उन्होंने कहा कि जब समानता नहीं मिलती है तब कोई चीज नहीं मिलती है. पुलिस ने का कहना है कि उन्हें अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक यह पता नहीं चला है कि क्या उसके यह कठोर कदम उठाने के पीछे विश्वविद्यालय का कोई मुद्दा है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से वह निजी कारणों को लेकर डिप्रेशन में था. पुलिस नेउसका शव पंखे से लटका पाया.

कृष की मौत पर सोशल मीडिया पर छिड़ी लड़ाई

रजनी कृष की मौत की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लड़ाई छिड़ गई है. जेएनयू के वाइस चांसलर और प्रशासन को निशाने पर लिया जाने लगा है. जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने मौत के लिए जेएनयू प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है. शेहला ने रजनी के सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट का सहारा लिया है.शेहला ने आरोप लगाया है कि जेएनयू प्रशासन ने रजनी के परिवार को कोई खबर भी नहीं दी है. वहीं डीसीपी साउथ, ईश्वर सिंह ने बताया कि आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया है. पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है. रजनी कृष का शव दिल्ली के मुनिरका विहार के एक फ्लैट में मिला है.

खुदकुशी से पहले दोस्तों के साथ लंच करने पहुंचा था कृष

रजनी कृष अपने दोस्तों से मिलने अक्सर मुनिरका विहार आया जाया करता था. रजनी की खुदकुशी के पीछे कई वजह बताई जा रही हैं. रजनी अपने दोस्तों के साथ लंच के लिए वहां पहुंचा था लेकिन दोस्त के मुताबिक तनाव की वजह से दोस्तों ने रजनी को आराम करने के लिए दूसरे कमरे में भेज दिया, लेकिन लंच तैयार होने के बाद जब उसे बुलाने गए तो उसने दरवाजा नहीं खोला. रजनी के दोस्तों को लगा कि वो गहरी नींद में है लेकिन इसके कुछ देर बाद भी जब वो नहीं जगा तो पुलिस को बुलाना पड़ा. रजनी के दोस्त के मुताबिक उसकी माली हालत भी ठीक नहीं थी.

एनएसयूआई के छात्र नेता सनी धीमान का कहना है कि आत्महत्या के हर पहलू की जांच होनी चाहिए क्योंकि जिस बैकग्राउंड से वो आता था ऐसे में उसके लिए सीट कट होना एक बड़ा विषय था. वहीं ABVP के छात्र नेता सौरभ शर्मा ने कहा कि रजनी कृष की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

ये है परिवार की मांग

कृष के घरवालों की मांग है कि उन्हें पोस्टमार्टम के लिए उनके मुताबिक ही दो डॉक्टर दिए जाएं और जब कृष का पोस्टमार्टम किया जाए उन्हें उसकी विडियो रिकॉर्डिंग भी दी जाए. वहीं कृष के घरवालों ने सीबीआई जांच की भी  मांग की है.

First published: March 14, 2017
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