यमुना को नुकसान पहुंचाने के रविशंकर के आरोपों पर भड़का एनजीटी, लगाई फटकार

News18Hindi
Updated: April 20, 2017, 11:11 PM IST
यमुना को नुकसान पहुंचाने के रविशंकर के आरोपों पर भड़का एनजीटी, लगाई फटकार
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Updated: April 20, 2017, 11:11 PM IST
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है. ट्रिब्यूनल ने रविशंकर के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने यमुना को नुकसान पहुंचाने के लिए ट्रिब्यूनल और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.

एनजीटी ने रविशंकर के बयान पर हैरानी जताते हुए आर्ट आॅफ लिविंग और अन्य पक्षों को नुकसान पर एक्सपर्ट पैनल रिपोर्ट को आपत्तियों पर जवाब देने के निर्देश दिए हैं. बता दें कि यह मामला पिछले साल दिल्ली में युमना किनारे आर्ट आॅफ लिविंग के सांस्कृतिक महोत्सव से जुड़ा है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए आर्ट आॅफ लिविंग को जिम्मेदार ठह​राया था.

श्री श्री रविशंकर ने सांस्कृतिक महोत्सव के लिए उनके एनजीओ को अनुमति के लिए सरकार और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को मंगलवार को दोषी ठहराया और कहा कि अगर महोत्सव के कारण कोई भी नुकसान हुआ है तो दोनों को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.

महोत्सव रोकना चाहिए था

रविशंकर ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'अगर कोई फाइन लगाना है तो वो अनुमति देने के​ लिए केंद्र, राज्य सरकार और एनजीटी पर लगाना चाहिए. अगर यमुना इतनी नाजुक और शुद्ध है तो उन्हें विश्व सांस्कृतिक महोत्सव रोकना चाहिए था.'

उन्होंने एनजीटी पर नै​सर्गिंक न्याय के सिद्धांतों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा, 'एक एतिहासिक कार्यक्रम जिसे तारीफ मिलनी चाहिए थी और उसे अन्यायपूर्ण तरीके से अपराध की तरह पेश किया गया.'

आध्यात्मिक गुरु के बयान को सही ठहराते हुए आर्ट आॅफ लिविंग के प्रवक्ता जयदीप नाथ ने सीएनएन-न्यूज18 से कहा, 'हमने कोई गलत बयान नहीं दिया है. समिति पूरी तरह पक्षपाती और गैर जिम्मेदार है. यह मुद्दा बेहद संवेदनशील है.'
First published: April 20, 2017
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