‘गुवाहाटी में छेड़खानी में शामिल थे कांग्रेसी नेता और पत्रकार’

आईबीएन-7

First published: July 14, 2012, 8:26 AM IST | Updated: July 14, 2012, 8:26 AM IST
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‘गुवाहाटी में छेड़खानी में शामिल थे कांग्रेसी नेता और पत्रकार’
टीम अन्ना के सदस्य अखिल गोगोई ने आरोप लगाया कि इस घटना में एक चैनल का रिपोर्टर शामिल है। चैनल सूबे के एक मंत्री का है। पुलिस और प्रशासन कार्रवआई नहीं कर रहा है।

गुवाहाटी। इंसानियत को शर्मसार करने वाली गुवाहाटी में लड़की से छेड़छाड़ की घटना में एक नया मोड आ गया है। टीम अन्ना के सदस्य अखिल गोगोई ने आरोप लगाया कि इस घटना में एक चैनल का रिपोर्टर शामिल है। चैनल सूबे के एक मंत्री का है। गोगोई का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ना तो रिपोर्टर के खिलाफ कुछ कर रहा है और ना ही चैनल के खिलाफ।

गोगोई का कहना है कि इस साजिश में असम के मंत्री हेमंत बिश्वाश भी शामिल हैं और आज लड़की पर दबाव बनाने के लिए यूथ कांग्रेस के नेताओं ने हेमंत बिस्वास से मुलाकात भी करवाई। अखिल गोगोई ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि ये उस रात की घटना का अनकट वीडियो है। सोमवार रात एक अकेली नाबालिग लड़की पर 20 लोगों ने हमला कर दिया था। उन्होंने लड़की से छेड़खानी और मारपीट की। बाद में लड़की के कपड़े भी फाड़ डाले थे। आधे घंटे तक ये सब चलता रहा। वहां पर सब तमाशबीन बने रहे। लड़की पर उस वक्त हमला हुआ जब वो एक पार्टी से अपने घर लौट रही थी।

गोगोई का आरोप है कि लड़की के साथ हुए वारदात को प्लान किया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि उस पत्रकार को गिरफ्तार किया जाए। गोगोई ने सवाल उठाए हैं कि क्यों मीडिया हाउस टेप छिपाए हुआ था। वहीं, वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कहा कि इस मामले में समाज को उठ खड़ा होना चाहिए।

मालूम हो कि पूरे वीडियो को न्यूज लाइव चैनल के रिपोर्टर और कैमरामैन ने शूट किया। कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शूट करने के बजाए रिपोर्टर ने पुलिस को फोन क्यों नहीं किया? इस पर न्यूज लाइव के एडिटर अतनू भूइया ने सफाई दी है। उनका कहना है कि लोगों का ये सवाल कि पुलिस को बताने के बजाए वो शूट क्यों कर रहे थे, तो मैं अपनी टीम के साथ हूं। अगर वो इस वारदात को रोकने की कोशिश करते तो सारे सबूत बर्बाद हो जाते। आरोपी हम पर हमला करते।

उन्होंने कहा कि उनके रिपोर्टर ने ही पुलिस को फोन करके वारदात की जानकारी दी। मेरा सिर्फ ये कहना है कि हम बम धमाके के वक्त शूट करते हैं न की रक्त दान। मेरा सिर्फ ये कहना है कि अगर हम तस्वीरें नहीं लेते तो सारे बदमाश आज आजाद घूम रहे होते। तस्वीरों की वजह से ही आज उनकी तलाश हो रही है।

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