फिल्म रिव्यू: उलझी हुई है 'डियर जिंदगी' की कहानी

शिखा धारीवाल | News18India.com
Updated: November 25, 2016, 12:55 PM IST
शिखा धारीवाल | News18India.com
Updated: November 25, 2016, 12:55 PM IST
मुंबई। फिल्म ‘डियर ज़िंदगी’ कहानी है एक उभरती हुई फोटोग्राफर लड़की काइरा की। काइरा अपने लिए परफेक्ट लाइफ यानि आदर्श जीवन की तलाश में है। उसकी अपनी ज़िंदगी में बेपरवाह रिश्तों की ढेर सारी उलझनें हैं और इस बीच उसे मिलता है डॉ जग जो एक मनोचिकित्सक है। अंत में डॉ जग काइरा को ज़िंदगी की ओर देखने का नया नज़रिया सिखाने में कामयाब होता है।

काइरा की दमदार भूमिका में आलिया भट्ट हैं, तो इंटरवल से ठीक पहले दिमाग के डॉक्टर की भूमिका में शाहरूख खान की एंट्री होती है। बाकी काइरा के ढेर सारे ब्वॉय फ्रेंड्स की भूमिका में कुणाल कपूर, अंगद बेदी और अली जफ़र हैं। हालांकि फिल्म में हल्की कॉमेडी भी है, मगर इंटरवल तक फिल्म को झेलना मुश्किल लगता है।
शाहरुख खान को इस फिल्म में दर्शकों को ठगने लिए लाया गया है, जैसा कि वो गोरेपन की क्रीम और कई तरह के सामान बेचते हुए विज्ञापनों में करते हैं। हालांकि डियर ज़िंदगी में उनका ज्ञान सुनकर शायद आपके दिमाग का इलाज भी दो तीन सौ रुपये के टिकट में हो जाए। मगर इसमें ख़तरा उनको है जिनका दिमाग पहले से ही ठीक है।

डायरेक्टर राइटर गौरी शिंदे इससे पहले 'इंग्लिश विंग्लिश' जैसी मज़ेदार और सबको पसंद आनेवाली फिल्म दे चुकी हैं। मगर 'डियर ज़िंदगी' एक खास दर्शक वर्ग की फिल्म लगती है। हालांकि फिल्म में आलिया भट्ट का अभिनय और गीत संगीत अच्छा है, लेकिन फिल्म की उलझी हुई कहानी बड़ी धीमी रफ्तार से चलती है।

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इस फिल्म की तमाम अच्छाईयों और कमियों को देखने के बाद बीटीडीडी फिल्म रिव्यू में इसे पांच में से 1.5 स्टार ही मिले हैं। फिल्म अगर मनोरंजन ना करे और ज्ञान दे तो फिल्म किस बात की। तो अगर आपको अपनी ज़िंदगी डिअर है तो माई डियर - अपने नियर और डियर लोगों के साथ वीकेंड बिताने से मज़ेदार कुछ नहीं।
First published: November 25, 2016
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