फिल्म समीक्षा: जॉन पर भारी पड़ा 'फोर्स-2' का विलेन!

शिखा धारीवाल | News18India.com

Updated: November 18, 2016, 12:43 PM IST
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मुंबई। 'फोर्स 2' की कहानी दरअसल एक विलेन की कहानी है। जो अपने रॉ एजेंट पिता की मौत का बदला ले रहा है। लेकिन ये बदला किसी दुश्मन देश से नहीं बल्कि खुद भारत की खुफिया एजेंसी रॉ से है। दुनियाभर में रॉ एजेंट्स की हत्या हो रही है और जॉन और सोनाक्षी की जोड़ी को इन एजेंट्स को बचाना है। जबकि विलेन ताहिर राज भसीन चूहे बिल्ली का ज़बरदस्त खेल खेल रहा है। कुल मिलाकर फिल्म  'फोर्स 2' की कहानी बेहद मामूली है।

'फोर्स 2' की सारी रफ्तार फिल्म में लगातार चल रहे एक्शन सींस की वजह से है। फिल्म की कहानी और किरदारों को तो इन एक्शन सीन्स के बीच घुसाया गया है। फिल्म की क्लाइमेक्स में फिल्माया गया एक्शन बिल्कुल किसी वीडियो गेम की तरह शूट किया गया है, जो प्रभावित करता है।

विलेन ने लूट लिया मज़ा

सोनाक्षी का एक्शन बढ़िया है, जॉन का एक्शन तो अच्छा होना ही था, लेकिन इस फिल्म के असली मजे तो विलेन लूट ले गया है। ताहिर राज के एक्शन और अदाकारी की तारीफ होनी चाहिए। फिल्म कहानी कमजोर तो है ही घटनाएं भी पूरी तरह से अविश्वसनीय लगती हैं। फिल्म में म्यूज़िक नहीं है। BTDD फिल्म रिव्यू की कसौटी पर हमने 'फोर्स 2' की अच्छाईयों और कमियों को जोड़ा घटाया और पाया कि फोर्स-2 को पांच में दो अंक ही दिए जा सकते हैं। यह फिल्म हर लिहाज़ से  किसी अंग्रेजी फिल्म की उधार कॉपी लगती है।

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5 में से 2 स्टार

तो दोस्तों वैसे भी आजकल फिल्म देखने का टाइम ही किसके पास है।  बटुआ भी खाली है और एटीएम भी, लेकिन अगर आप एक्शन फिल्मों के शौकीन हैं और आपके पास काफी सारा ब्लैक मनी भी पड़ा हुआ है तो उसे फोर्स टू पर निपटा दीजिए।

First published: November 18, 2016
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