देखने से पहले यहां पढ़ें- कैसी है ऋतिक रोशन की 'काबिल'

शिखा धारीवाल | News18India
Updated: January 25, 2017, 3:14 PM IST
शिखा धारीवाल | News18India
Updated: January 25, 2017, 3:14 PM IST

लंबे अरसे बाद ऋतिक रोशन के हाथ कोई अच्छी फिल्म लगी है, वैसे इस फिल्म के डायरेक्टर संजय गुप्ता हैं, तो हो सकता है ये किसी विदेशी फ़िल्म की कॉपी हो. 'काबिल' की कहानी दो प्रमियों की है, जिनकी आंखों की रोशनी नहीं है. रोहन और सुप्रिया भले ही एक दूसरे को देख नहीं सकते, मगर एक दूजे से बेइंतहा प्यार करते हैं.

रोहन-सुप्रिया की खुशहाल ज़िंदगी बिखर जाती है, जब दो बदमाश सुप्रिया का रेप करते हैं. पॉवरफुल नेताओं और सिस्टम से जब न्याय नहीं मिलता तो सुप्रिया आत्महत्या कर लेती है. फ़िल्म में आगे की रोमांचक कहानी अंधे रोहन की है, जो माधव और अमित नाम के इन रईसों से बदला लेता है.

हालांकि काबिल एक रेग्युलर रिवेंज ड्रामा है, लेकिन यह फिल्म अंत तक दर्शकों को सीट से बांधे रखती है. भुल्लकड़ गजनी का ये अंधा स्वरुप है, लेकिन इसमें कई नए और दिलचस्प मोड़ हैं. ऋतिक और यामी के करियर का ये एक शानदार परफ़ॉमेंस है, वहीं रोनित और रोहित रॉय विलेन के किरदार में ज़बरदस्त है.

बीटीडीडी फ़िल्म रिव्यू फॉर्मूले पर हमने काबिल की अच्छाईयों और कमियों को जोड़ा घटाया और पाया है कि यह फ़िल्म पांच में से 3 स्टार्स पाने के काबिल है, यह फ़िल्म एक बार तो देखनी बनती है.

First published: January 25, 2017
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