जब भगवान दादा के थप्पड़ ने बदल दी ललिता पवार की ज़िंदगी


Updated: April 18, 2017, 12:35 PM IST
जब भगवान दादा के थप्पड़ ने बदल दी ललिता पवार की ज़िंदगी
बॉलीवुड की सबसे क्रूर सास ललिता पवार

Updated: April 18, 2017, 12:35 PM IST

ललिता पवार यानी बॉलीवुड की सबसे खतरनाक सास और पहली 'वैंप'.

वो एक ऐसी अदाकारा रही जिन्हें शूटिंग के दौरान हुए एक हादसे के बाद लीड रोल मिलने बंद हो गए, लेकिन शायद यही उनके लिए अच्छा भी रहा.

क्योंकि चरित्र अभिनय के दम पर उन्हें 1959 में आई राजकपूर की फिल्म 'अनाड़ी' में अपने रोल के लिए सहायक अभिनेत्री का फ़िल्म फे़यर अवार्ड मिला.

बचपन में ही बन गई थीं हीरोइन

ललिता ने 9 साल की उम्र में ही अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत कर दी थी और उन्होनें मूक फ़िल्मों के समय से ही अभिनय करना शुरू कर दिया था.

ललिता पवार
ललिता पवार

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ललिता का फ़िल्मी करियर 70 दशक चला और उन्होंने करीब 700 फ़िल्मों में काम किया और 1932 में आई मूक फिल्म 'कैलाश' की वो सब निर्माता भी रहीं.

जब एक हीरो के थप्पड़ ने ललिता का करियर ही बदल दिया

हालांकि उन्होनें बॉलीवुड में कदम एक मेनस्ट्रीम अभिनेत्री के तौर पर रखा था लेकिन उनके ज़माने के सुपरस्टार भगवान दादा की एक ग़लती से ललिता का करियर ही बदल गया.

1934 में फ़िल्म 'जंग-ए-आज़ादी' की शूटिंग चल रही थी और एक सीन में अभिनेता भगवान दादा को ललिता को थप्पड़ मारना था.

थप्पड़ काफी तेज़ लग गया जिसके चलते ललिता के शरीर के पूरे बाएं हिस्से में लकवा मार गया.

bhagwan dada
bhagwan dada

3 सालों तक इलाज चला, ललिता ठीक भी हो गईं लेकिन उनकी बाईं आँख खराब हो चुकी थी और उनके लिए लीड हीरोइन बनने के रास्ते बंद हो चुके थे.

लेकिन उन्होनें हालात से हार नहीं मानी और चरित्र अभिनय की और रुख किया जिसके बाद बहू पर अत्याचार करने वाली सास का दूसरा नाम ललिता पवार ही बन गया.

श्री 420, नौ दो ग्यारह, नीलकमल, अनाड़ी, सौ दिन सास के, बहुरानी और सुजाता जैसी फ़िल्मों का हिस्सा रही ललिता को एक समय के बाद जबड़े के कैंसर से भी जूझना पड़ा और वह मुबंई छोड़कर अपने पति राजप्रकाश गुप्ता के पास पुणे आ गईं.

एक महान करियर का दुखद अंत

1998 में पुणे में ही उनका देहांत हुआ और उनकी मृत्यु की सूचना दो दिनों बाद मिल पाई क्योंकि जिस दौरान उनकी मौत हुई, उनके पति किसी काम से बाहर गए हुए थे.

अगर निरूपा रॉय बॉलीवुड की प्यारी माँ रहीं तो ललिता पवार ठीक उनके विपरीत क्रूर और खतरनाक सास या सौतेली माँ रही और अगर उन्हें बॉलीवुड की पहली पाप्युलर 'वैंप' कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी.

First published: April 18, 2017
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