FILM REVIEW: जग्गा जासूस का सफर मजेदार भी है और थकाने वाला भी

Rahul Goel | News18Hindi
Updated: July 14, 2017, 5:14 PM IST
FILM REVIEW: जग्गा जासूस का सफर मजेदार भी है और थकाने वाला भी
कैसी है फिल्म Jagga jasoos ?
Rahul Goel | News18Hindi
Updated: July 14, 2017, 5:14 PM IST
फिल्म जग्गा जासूस में एक डायलॉग है जिसमें रणबीर के पिता टूटी फूटी (सस्वाता चटर्जी), ये उनके किरदार का नाम है, अपने बेटे जग्गा (रणबीर कपूर) को कहते हैं कि दिमाग का बायां हिस्सा लॉजिकल है यानी ये हिस्सा तर्क करता है. जबकि दायां हिस्सा इमोशनल है और क्रिएटिव है इसलिए जब हम गाना गाते हैं तो हमारे दिमाग का दायां हिस्सा सक्रिय हो जाता है.

फिल्म Jagga jasoos को बनाते हुए भी निर्देशक अनुराग बासु ने दिमाग के दोनों हिस्सों का बखूबी इस्तेमाल किया है. फिल्म में आपको लॉजिक भी नजर आएगा, ढेर सारा इमोशन भी और दर्जनों गाने भी. फिल्म देखते हुए आपके ब्रेन का लेफ्ट और राइट दोनों बराबर काम करते हैं. खूबसूरत लोकेशन्स पर फिल्माई गई 'जग्गा जासूस' शुरु के 20 मिनटों में ही दर्शकों को बांध लेती है.

रणबीर फिल्म में हकलाते हैं लेकिन जब वो गाना गाकर अपनी बात कहते हैं तो सबकुछ स्मूथ हो जाता है. यही फिल्म की खूबसूरती भी है. पहले भाग में फिल्म किसी हॉलीवुड ओपेरा की तरह आगे बढ़ती है जहां आपको हर थोड़ी देर बाद एक गाना सुनाई देता है. लेकिन ये गाने आपको बोर नहीं करते बल्कि सुनने में अच्छे लगते हैं क्योंकि जग्गा जासूस के पास अपनी बात कहने का यही तरीका है और बाकी लोग भी जग्गा से उसी के अंदाज में बात करते हैं

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फिल्म Jagga jasoos एक ताजा कहानी है


कहानी-3.5 स्टार
फिल्म कहानी है जग्गा और उसके पिता टूटी फूटी की. टूटी फूटी, एक रहस्यमयी चिट्ठी मिलने के बाद एक दिन जग्गा को छोड़कर चला जाता है. जग्गा अपने पिता का इंतजार करता है लेकिन वो कभी लौटकर नहीं आते. हालांकि जग्गा को उसके हर जन्मदिन पर पिता की तरफ से भेजी गई एक वीडियो कैसेट जरूर मिलती है. सवाल है कि कहां है जग्गा के पिता ?

रणबीर कूपर फिल्म में एक स्कूली छात्र का किरदार निभा रहे हैं. जिसकी मुलाकात पत्रकार श्रुति सेनगुप्ता (कटरीना कैफ) से होती है. कटरीना फिल्म के हर सीन में चश्मा लगाई हुई नजर आती है और ये लुक उनपर सूट भी करता है.

फिल्म की शुरुआत पुरुलिया आर्म्स ड्रॉप केस से होती है जो कि 1995 में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में हुई सच्ची घटना है. फिल्म के बैकड्रॉप में हथियारों का यही कारोबार है.  जिसका पर्दाफाश करने का जिम्मा उठाता है 'जग्गा जासूस'

जग्गा जासूस एक स्थानीय मर्डर केस को सुलझाने के बाद जब एक और मर्डर केस को सुलझाने की राह पर चलता है तो उसका सामना हर रोज नई-नई मुश्किलों से होने लगता है और इसी बीच वो अपने पिता की तलाश भी करता रहता है. इसी दौरान उसे पता चलता है एक इंटरनेशनल आर्म्स रैकेट के बारे में जिसका सरगना है बशीर एलेक्जेंडर.

जग्गा की इस जासूसी यात्रा में उसकी हमसफर बनती है श्रुति . जग्गा जासूस का फिल्मांकन बेहद खूबसूरत है जिसके बैकड्रॉप में मणिपुर राज्य को दिखाया गया है जो बहुत ही सुंदर दिखाई देता है.
एक्टिंग: 4 स्टार

डिज्नी द्वारा प्रोड्यूस की गई Jagga jasoos  बच्चों की फिल्म है और आपको इसमें कहीं कहीं कॉमिक करेक्टर टिन टिन की झलक भी दिखाई देगी. खासकर रणबीर कपूर का हेयरस्टाइल आपको टिन टिन की याद दिलाएगा.

फिल्म का एक हिस्सा मोरक्को और केपटाउन में भी फिल्माया गया है और किसी बॉलीवुड फिल्म में अफ्रीका को उसके प्राकृतिक रूप में देखने अच्छा लगता है. ये फिल्म बच्चों की जानकारी बढ़ाने का भी काम करती है.

फिल्म में एक डायलॉग है जिसमें जग्गा का पिता कहता है कि जिंदगी में हथोड़ा बनाना है या कील ये हमें ही तय करना होता है. अब सवाल ये है कि ये फिल्म रणबीर के गिरते करियर ग्राफ में कील का काम करेगी या हथोड़े की तरह उनके करियर को बॉलीवुड की दीवार पर मजबूती से टांग देगी.

रणबीर को आप फिल्म की आत्मा कह सकते हैं. जग्गा जासूस में उनकी एक्टिंग फॉर्म शानदार है और रणबीर कटरीना की केमिस्ट्री देखना एक सुखद अनुभव भी है हालांकि मजेदार बात ये है कि फिल्म में दोनों के बीच प्यार जैसा कुछ नहीं दिखाया गया है. सिर्फ उतना ही लगाव दिखाया गया है जो लंबे वक्त तक साथ रहने वाले दो लोगों के बीच हो जाता है.

Film review_jagga jasoos
फिल्म की लंबाई थोड़ा परेशान करने वाली है


सिनेमेटोग्राफी: 3.5 स्टार  
फिल्म का कमजोर पक्ष इसकी ड्यूरेशन है. ढाई घंटे से भी लंबी इस फिल्म को थोड़ा छोटा किया जा सकता था. फिल्म 4 साल से बन रही थी और बार बार डिले हो रही थी इसकी फीलिंग आपको फिल्म देखते हुए भी आ जाती है. कहीं कहीं वीएफएक्स का इस्तेमाल बचकाने तरीके से किया गया है. कुछ दृश्य और असली बनाए जा सकते थे लेकिन वो नकली दिखाई देते हैं. एक महत्वपूर्ण बात ये भी है कि जग्गा स्कूल में पढ़ता है लेकिन उसके साथ के बच्चे उससे छोटेे दिखाई देते हैं.

फिल्म का दूसरा भाग थोड़ा बोर करता है और इसमें गाने भी कम हैं. फिल्म का अंत भी एकाएक हो जाता है और दर्शक आखिर में जिस रोमांच का इंतजार कर रहे होते हैं वो कभी आता ही नहीं है. फिल्म के अंत में बहुत सारे दर्शक फिल्म को खत्म मानकर हॉल से बाहर चले गए. लेकिन फिल्म का एक बड़ा सरप्राइज बिल्कुल आखिर में आता है जिसे देखकर ये यकीन हो जाता है कि फिल्म कामयाब रही तो इसका सीक्वल भी जरूर देखने को मिलेगा.

कुल मिलाकर Jagga jasoos  की कहानी ताजा है. रणबीर की एक्टिंग दमदार है. फिल्मांकन आंखों को ताजगी का एहसास देता है और अनुराग बासु ने कहानी कहने के लिए एक अच्छा प्लॉट चुना है. फिल्म ये इशारा करके भी खत्म होती है कि बॉलीवुड को उसका पहला जासूसी किरदार जग्गा मिल चुका है जो जल्द ही अपने नए मिशन को अंजाम देगा. लेकिन फिल्म की धीमी रफ्तार, कहीं कहीं कमजोर वीएफएक्स और लंबा खींचा गया सेकेंड हाफ निराशा पैदा करता है. कुल मिलाकर जग्गा का जासूसी का सफर मजेदार तो है लेकिन ये लंबा और थकाने वाला भी है इसलिए हम Jagga jasoos को दे रहे हैं 3 स्टार.
First published: July 14, 2017
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