रिव्यू: देखने लायक फिल्म है ‘अर्जुन: द वारियर प्रिंस’

News18India
Updated: May 26, 2012, 8:49 AM IST
News18India
Updated: May 26, 2012, 8:49 AM IST
मुंबई। निर्देशक अर्नेब चौधरी ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि उनकी एनीमेशन फिल्म ‘अर्जुन: द वारियर प्रिंस’ बिल्कुल भी बच्चों की फिल्म नहीं है और मैं उनकी बात से सहमत भी हूं। महाभारत एक ऐसी कहानी है जो आप सुनते हुए बड़े हुए हैं और इसलिए आप अर्जुन को तो जानते ही हैं। फिर भी फिल्म को एक नया अंदाज दिया गया है।
इस फिल्म में आपको देखने को मिलेगा एक ऐसा लड़का जो अनिश्चितता, डर, परेशानियों और अपनी हिम्मत से गुजरते हुए एक आदमी बनता है। फिल्म को एक ऐक्शन फिल्म का ट्रीटमेंट दिया गया है। अर्जुन को कौरवों के रचाए गए चक्रव्यूह से बाहर निकलना है।
सच पूछा जाए मुझे 1990 के उस हाई वोल्टेज ड्रामा की याद आ गई थी जिसने हर रविवार बी आर चोपड़ा की सबसे लंबी चलने वाली सीरीज को एक धर्म सा बना दिया था। इस फिल्म में भी अर्जुन की हिम्मत और उसके अंदर चल रही कशमकश को ऐसे दिखाया गया है कि आप भूल जाएंगे कि आप कोई एनीमेशन फिल्म देख रहे हैं।
फिल्म का एक्शन मार्शियल आर्ट का फील देता हैं। इस फिल्म की अपनी कुछ कमियां भी हैं, जैसे इसके कुछ किरदार बहुत ही बनावटी लगते हैं जेसे शकुनी मामा के किरदार को थोड़ा और अच्छा बनाया जा सकता था। वहीं पांडवों के वनवास का हिस्सा कुछ ज्यादा ही खींचा गया है। फिल्म सबसे ज्यादा तब अच्छी लगती है जब इसमें अर्जुन और दुर्योधन दिखाए जाते हैं। मैं अर्जन द वारियर प्रिंस को पांच में से तीन स्टार देता हूं। ये देखने लायक है।

First published: May 26, 2012
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर