रिव्यूः रिलीज से पहले जानें कैसी है फिल्म पिंकी ब्यूटी पार्लर?

मुकेश तिवारी | News18India.com

Updated: January 17, 2017, 5:50 PM IST
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नई दिल्ली। जैसा कि नाम से ही जाहिर है, पिंकी ब्यूटी पार्लर फिल्म की कहानी ब्यूटीपार्लर और लड़कियों के अंदर ज्यादा खूबसूरत दिखाई देने की चाहत पर बनी हुई है। चेहरे का रंग बदलने की ख्वाहिश और ब्यूटी पार्लर में चल रहे आर्टिफिशियल मेकअप के पीछे दो बहनों की कहानी भी आगे बढ़ रही है। बड़ी बहन बुलबुल सांवली है और बचपन से ही दबे रंग का ताना झेलते हुए बड़ी हुई है। छोटी बहन पिंकी का रंग साफ है और उसे ‘खूबसूरती’ के लिए वाहवाही मिलती रही है।

बड़ी बहन बुलबुल के किरदार में अभिनेत्री खुशबू गुप्ता हैं और छोटी बहन पिंकी का रोल निभाया है सुलगना पानीग्रही ने। फिल्म की शुरुआत होती है पार्लर में एक मर्डर से। ये मर्डर मिस्ट्री कहानी में नाटकीय मोड़ लेकर आती है। यहां से फिल्म एक नए दौर में एंट्री लेती है।

रिव्यूः रिलीज से पहले जानें कैसी है फिल्म पिंकी ब्यूटी पार्लर?
जैसा कि नाम से ही जाहिर है, पिंकी ब्यूटीपार्लर फिल्म की कहानी ब्यूटीपार्लर और लड़कियों के अंदर ज्यादा खूबसूरत दिखाई देने की चाहत पर बनी हुई है।

मर्डर मिस्ट्री को दो पुलिसवाले समी और जटा शंकर सुलझाने की कोशिश करते हैं। ये दो पुलिसवाले शक के आधार पर बहुत लोगों से पूछताछ करते हैं और यहीं से फिल्म का क्लाइमेक्स भी शुरू होता है। पुलिसवालों की हल्की फुल्की कॉमेडी से फिल्म में रंग भी आता है। फिल्म बनारस के पुलों, सड़कों और गंगा के घाटों से होकर भी गुजरती है।

बनारस की गलियों से गुजरती हुई फिल्म की कहानी फ्लैशबैक में चलती है, बनारस के अस्सी घाट से लेकर काशी चाट भंडार तक, बड़ी खूबसूरती से इस फिल्म में दिखाया गया है। कहीं-कहीं तो फिल्म काफी रिएलिस्टिक लगती है।

अदाकारी में तीनों प्रमुख कलाकार अक्षय सिंह, खुशबू गुप्ता और सुलगना पानीग्रही छाप छोड़ते हैं। फिल्म के सामाजिक संदेश के साथ खत्म होती है। लेखक, निर्देशक, निर्माता और अभिनेता अक्षय सिंह अपनी छाप छोड़ने में कामयाब हुए हैं। मैं इस फिल्म को 5 में से 3 स्टार देता हूं।

(इंडियन पैनोरमा फिल्म फेस्टिवल, दिल्ली में इस फिल्म की स्क्रीनिंग हुई।)

First published: January 17, 2017
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