पढ़ें: बिग बॉस से इतना चिढ़ता क्यों है बिग बॉस 1 का विनर

स्मिता चंद | News18India.com

Updated: January 22, 2016, 3:38 PM IST
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नई दिल्ली। 90 के दशक में फिल्म 'आशिकी' से बॉलीवुड में कदम रखने वाला एक भोला सा नौजवान राहुल रॉय रातोंरात सुपरस्टार बन गया। राहुल को जो कामयाबी पहली ही फिल्म से मिली, उसके पाने के लिए कई एक्टर को सालों लग जाते हैं, लेकिन राहुल की मासूमियत और अदाकारी लोगों को इतनी पसंद आई कि उन्हें सिर आंखों पर बैठाया। फिल्म इतनी कामयाब हुई कि हर बड़ा निर्देशक राहुल को अपनी फिल्म का हीरो बनाना चाहता था। राहुल को एक साथ 40 फिल्मों के ऑफर भी मिले। लेकिन राहुल अचानक कुछ सालों के लिए पर्दे से गायब हो गए और फिर 2006 में बिग बॉस में नजर आए। यहां भी लोगों ने उन्हें प्यार दिया और वो बिग बॉस के पहले विनर बने। राहुल से आईबीएनखबर ने खास बात की, पेश है इंटरब्यू के कुछ अंश।

सवाल: आप बिग बॉस के पहले विनर रह चुके हैं इस बार आपको क्या लगता है कौन जीतेगा?

पढ़ें: बिग बॉस से इतना चिढ़ता क्यों है बिग बॉस 1 का विनर
90 के दशक में फिल्म 'आशिकी' से बॉलीवुड में कदम रखने वाला एक भोला सा नौजवान राहुल रॉय रातोंरात सुपरस्टार बन गया।

जवाब: मुझे लगता है इस सीजन में ऋषभ विनर हो सकते हैं। ऋषभ घर में अकेला खेलता रहा है, वो जो है वही दिखता है, उसने गंदगी के साथ नहीं खेला है। जब बिग बॉस में जाते हैं तो एक इंटरटेनमेंट होता है एक इंसान की वो सच्चाई सामने आती है, जो वो सच में है। ऋषभ ईमानदारी के साथ घर में है, वो किसी को यूज नहीं कर रहा है।

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सवाल: आपको क्या लगता है पहले के दो-तीन सीजन में जो शालीनता रहती थी अब वो नहीं रही?

जवाब: शालीनता कम नहीं हुई है वो तो बिल्कुल खत्म हो गई है। शालीनता की धज्जियां उड़ गई है। टीआरपी के चक्कर में ये सब हो रहा है। इसमें सिर्फ निर्माता की ही नहीं बल्कि दर्शकों की भी गलती है, जिस दिन प्रोग्राम की टीआरपी गिरेगी प्रोड्यूसर ये सब करना छोड़ देंगे। जबतक टीआरपी मिलती रहेगी यही सब होगा, इसके लिए समाज भी जिम्मेदार है जब लोग देखेंगे तबतक ऐसे शोज बनेंगे।

सवाल: अगर आपको फिर से बिग बॉस में बुलाया जाए तो क्या आप आना पसंद करेंगे?

जवाब: नहीं बिल्कुल नहीं, पहले सीजन में मुझे इसका कॉन्सेप्ट अच्छा लगा। पहले के दो-तीन सीजन में लोगों का इंटरटेनमेंट करने की कोशिश की गई, लेकिन इंटरटेनमेंट कम हो गया है और झगड़े ज्यादा बढ़ गए हैं। अब हालात ये है कि किसी भी लेवल पर जाकर प्रतियोगी झगड़े करते हैं, वो गलत है। आज आप टीवी ऑन करते हैं, ये सोचकर कि कौन कितनी गालियां देगा और कितने झगड़े करेगा। मैं तो इंडस्ट्री में आया ही था लोगों का मनोरंजन के लिए लड़ाई-झगड़ा करने के लिए यहां क्यों आता, फिर तो डाकू बन जाओ, चोर बन जाओ। आज के प्रतियोगी ये बात नहीं समझते हैं। आखिर 3 महीने के शो के खत्म होने के बाद इसी इंडस्ट्री में काम करने आना है।

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सवाल: क्या बिग बॉस का प्लेटफॉर्म सिलिब्रेटी के करियर पर कोई असर डालता है?

जवाब: अगर बिग बॉस के घर में किसी प्रतियोगी की लड़ाई-झगड़े की इमेज बन जाती है, तो आपका करियर कैसे बनेगा। जबतक आप सुर्खियों में रहेंगे आपको एक-दो छोटी-मोटी फिल्में जरूर मिल जाएंगी। लेकिन एक्टिंग भी तो आनी चाहिए, अगर एक्टिंग नहीं आएगी तो क्या सेट पर प्रोड्यूसर के साथ झगड़ा करोगे। आखिर काम ही काम को खींचता है, लड़ाई-झगड़ा और कॉन्ट्रोवर्सी थोड़े ही काम आता है। कॉन्ट्रोवर्सी के पीछे छिपकर काम नहीं कर सकते।

सवाल: आप बड़े पर्दे पर कब दिखेगे?

जवाब: इस साल के अंत में मेरी फिल्म आएगी, मैं जयदीप चोपड़ा के साथ फिल्म कर रहा हूं। पूजा और महेश भट्ट जी के साथ भी मैं एक फिल्म कर रहा हूं। मैं पिछले कई सालों से ऑस्ट्रेलिया में था इसलिए कोई ढंग का काम नहीं कर पाया।

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सवाल: आपकी पहली फिल्म इतनी बड़ी हिट हुई आपको कई फिल्मों के ऑफर भी मिले फिर कुछ सालों तक आप कहा चले गए?

जवाब: मैंने 40 फिल्में की उसके बाद मैं बहुत थक गया था और अपनी जिंदगी संवारने ऑस्ट्रेलिया चला गया था। फिलहाल मेरा तलाक हो गया है और मैं पिछले एक साल से भारत में ही रह रहा हूं। मेरे मे वो जुनून फिर लौट आया है और एनर्जी के साथ काम करने को तैयार हूं। जब से इंडस्ट्री के लोगों को पता चला है कि मैं यहां हूं, तो मुझे काम के ऑफर आने लगे हैं। फिल्म इंडस्ट्री ऐसी जगह है, जहां अगर आप मेहनती हो काम करना चाहते हो, तो आपको काम जरूर मिलता है बाकी आपके नसीब पर है और काम तो आपको ही करना है।

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सवाल: 90 के दशक में जैसी फिल्में बनती थी, और आज फिल्मों में कितना बदलाव आया हैं?

जवाब: आज फिल्म इंडस्ट्री में अब काफी बदलाव आया है। पहले तो फिल्में बनती थी और थिएटर में रिलीज होती थीं। पहले फिल्मों पर ही पैसा लगता था, लेकिन आजकल तो प्रचार पर ज्यादा पैसा लगता है। आज जितना आप फिल्म पर खर्चा करते हो उसका 30-40 फीसदी प्रचार पर खर्चा करना पड़ता है, तो आज भी जिम्मेदारी प्रोड्यूसर और एक्टर पर है। फिल्मों की कहानी तो वहीं आठ होती हैं, लेकिन आप किस तरह से उसे अलग तरीके से पेश करते हैं आपकी सफलता इस पर निर्भर करती है। हमारी इंडस्ट्री में आज भी राइटर को वो पहचान नहीं मिलती, हमें अच्छे राइटर को आगे लाने की जरूरत है। डायरेक्टर और एक्टर तो अपना काम कर लेता है, लेकिन कहानी बहुत खराब रहती है।

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सवाल: क्या बॉलीवुड अब ज्यादा बोल्ड हो गया है?

जवाब: आजकल कंटेंट है ही नहीं, इसलिए ऐसी फिल्में बन रही है। अगर एक तरफ से कमजोर होंगे तो दर्शकों को खींचने के लिए कुछ तो करेंगे। हमारी इंडस्ट्री में कंटेंट की कमी है इसलिए ऐसी फिल्में बनानी पड़ती हैं। जब कंटेंट की कमी होगी तो ऐसी हरकतें करनी पड़ेगी।

सवाल: अगर आपको किसी बोल्ड फिल्म का ऑफर मिले तो करेंगे?

जवाब: नहीं मैं ऐसी फिल्में नहीं कर सकता, मैं ये नहीं कह रहा कि जो लोग ये फिल्में बनाते हैं वो गलत हैं। ये उन लोगों का काम है वो जो कर रहे हैं। मैंने एक फिल्म की थी नॉटी ब्यॉय, लेकिन मैं जानता हूं, वो मेरा जॉनर नहीं है। मैं सेक्स कॉमेडी जैसी फिल्में करने के लिए कंफर्टेबल नहीं हूं। इसलिए मैं इस तरह की फिल्म कर ही नहीं सकता हूं।

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सवाल: आपकी फिल्म आशिकी की रीमेक आशिकी 2 बनी आपको कैसी लगी?

जवाब: मुझे आशिकी -2 अच्छी फिल्म लगी। आप दो फिल्मों की तुलना नहीं कर सकते हैं। आशिकी आज से 25 साल पहले बनी थी, वो उस दौर के हिसाब से बनी थी। आज भी लोग उस फिल्म को याद करते हैं। आज की फिल्मों की सफलता की परिभाषा बॉक्स ऑफिस पर डिपेंड करती है।

First published: January 22, 2016
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