VIDEO: प्यार की बात को महसूस... शायर मसदक़ आज़मी पेश कर रहे हैं अपने कुछ शेर

News18Hindi
Updated: June 19, 2017, 7:01 PM IST
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Updated: June 19, 2017, 7:01 PM IST
उर्दू भाषा की काव्य गोष्ठी को मुशायरा कहते हैं. मुशायरा शब्द हिन्दी में उर्दू से आया है और यह उस महफ़िल की व्याख्या करता है जिसमें अनेक जगहों से शायर शिरकत कर अपना अपना काव्य पाठ करते हैं.

मुशायरा उत्तर भारत और पाकिस्तान की संस्कृति का अभिन्न अंग है और इसे प्रतिभागियों द्वारा मुक्त आत्म अभिव्यक्ति के एक माध्यम के रूप में सराहा जाता है.

न्यूज 18 हिंदी उर्दू और उर्दू शायरी से प्यार करने वालों लिए लाया है दुबई में आयोजित हुआ मुशायरा जश्न-ए-जम्हूरियत-ए-हिंद यानि जश्न-ए-हिंदुस्तान.

इस मुशायरे की इस कड़ी में शायर मसदक़ आज़मी पेश कर रहे हैं अपने कुछ शेर.

सुनिए और आनंद लीजिए -
First published: June 19, 2017
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