ऑफिस पॉलिटिक्स की टेंशन कर सकती है सहकर्मियों से दूर

वार्ता

Updated: August 2, 2012, 11:00 AM IST
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टोरंटो। ऑफिस पॉलिटिक्स का खुद को शिकार समझने वाले लोग मानसिक रूप से तो परेशान होते ही हैं साथ ही वे अपनी इस परेशानी को दूसरों के साथ साझा करने की चाहत में अपने सहकर्मिययों द्वारा भी नकार दिए जाते हैं।

कनाडा में स्थित ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के सौंडर स्कूल ऑफ बिजनेस के एक शोध में यह बताया गया है कि जो लोग खुद को ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार समझते हैं या जिन्हें नजरअंदाज किए जाने का डर सताता रहता है वे एक समय के बाद सच में अपने सहकर्मियों और अपने साथियों द्वारा नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

ऑफिस पॉलिटिक्स की टेंशन कर सकती है सहकर्मियों से दूर
ऑफिस पॉलिटिक्स का खुद को शिकार समझने वाले लोग मानसिक रूप से तो परेशान होते ही हैं साथ ही वे अपनी इस परेशानी को दूसरों के साथ साझा करने की चाहत में अपने सहकर्मिययों द्वारा भी नकार दिए जाते हैं।

सौंडर के प्रोफेसर कार्ल एक्वीनो ने बताया कि इस स्थिति से बचने के लिए सबसे अच्छा उपाय यह है कि अगर आपको यह महसूस होता है कि आपके साथ पॉलिटिक्स की जा रही है और आपको आपके हक के अनुसार फायदा नहीं दिया जा रहा है तो सबसे पहले इस विचार को ही नजरअंदाज करना शुरू कीजिए।

First published: August 2, 2012
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