रोज करें एक्सरसाइज वरना रुक सकती है आपकी दिल की धड़कन

आईएएनएस
Updated: March 1, 2017, 7:47 AM IST
रोज करें एक्सरसाइज वरना रुक सकती है आपकी दिल की धड़कन
रिसर्चस ने पाया है कि एक्सरसाइज में कमी और ज्यादा वजन का संबंध एक प्रकार के हार्ट फेल्योर यानी दिल की धड़कन का रुक जाने से जुड़ा हुआ है.
आईएएनएस
Updated: March 1, 2017, 7:47 AM IST
एक सुस्त जीवनशैली आपके दिल पर बहुत ज्यादा असर डालती है. रिसर्चस ने पाया है कि एक्सरसाइज में कमी और ज्यादा वजन का संबंध एक प्रकार के हार्ट फेल्योर यानी दिल की धड़कन का रुक जाने से जुड़ा हुआ है.

इसका इलाज बहुत मुश्किल है. हार्ट फेल्योर उस स्थिति में होता है, जब दिल शरीर की मांग के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन युक्त खून की सप्लाई करने में असफल हो जाता है.

अमेरिका के टेक्सास विश्वविद्यालय के साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर के सहायक प्रोफेसर जरेट बेरी ने कहा कि पहले के स्टडी में लगातार पाया गया है कि एक्सरसाइज का लो लेवल, हाई बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) से हर्ट फेल्योर की संभावना का जोखिम बढ़ जाता है. हार्ट फेल्योर का इलाज करना चुनौतीपूर्ण होता है.

हार्ट फेल्योर को समान रूप से उप प्रकारों में बांटा गया है- हार्ट फेल्योर विद प्रिजव्र्ड इजेक्शन फ्रैक्शन (एचएफपीईएफ) और हार्ट फेल्योर विद रिडयूस्ड इजेक्शन फ्रैक्शन (एचएफआरईएफ). इजेक्शन फ्रैक्शन दिल की हर धड़कन के साथ प्रवाहित होने वाले खून की मात्रा को दर्शाता है.

हर्ट फेल्योर का इलाज करने के लिए यूं तो कई तरह के उपचार विकसित किए गए हैं, लेकिन रिड्यूस्ड इजेक्शन फ्रैक्शन हर्ट फेल्योर के अलावा दूसरे प्रकार के इलाज का कोई प्रामाणिक तरीका नहीं है.
First published: March 1, 2017
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