अलर्ट! भारत में बढ़ते जा रहे हैं लाइलाज टीबी के मामले

भाषा
Updated: May 10, 2017, 11:46 AM IST
अलर्ट! भारत में बढ़ते जा रहे हैं लाइलाज टीबी के मामले
Photo: getty Images
भाषा
Updated: May 10, 2017, 11:46 AM IST
एक नए अध्ययन में पता चला है कि भारत में अगले दो दशकों में ड्रग-रेसिस्टैंट ट्युबरक्युलोसिस (क्षय रोग) के मामलों में इजाफा हो सकता है. ‘ड्रग रेसिस्टैंट टीबी’ टीबी का बिगड़ा रूप है जिसमें टीबी के बैक्टीरिया पर दवाएं असर नहीं करतीं.

फेमस मेग्जीन लैंसेट में प्रकाशित स्टडी के अनुसार देश में साल 2040 तक इस बीमारी के 10 में से एक मामले ड्रग रेसिस्टैंट टीबी के हो सकते हैं. अध्ययन में फिलीपींस, रूस और दक्षिण अफ्रीका में भी कुछ इसी तरह के इजाफे की आशंका जताई गई है.

अध्ययन के अनुसार कि रूस में टीबी के एक तिहाई मामले ड्रग रेसिस्टैंट होने की आशंका है, इसकी तुलना में भारत और फिलीपींस में साल 2040 तक 10 में से एक मामला ड्रग रेसिस्टैंट का हो सकता हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका में यह अनुपात 20 में से एक मामला हो सकता है.

ड्रग-रेसिस्टैंट ट्युबरक्युलोसिस बैक्टीरिया के संक्रमण से होने वाली बीमारी है. अध्ययन में यह भी संकेत दिया गया है कि बेहतर ट्रीटमेंट प्रोग्राम से उक्त देशों में ड्रग-रेसिस्टैंट टीबी की दर में कमी आएगी और ये देश अकेले इस समस्या को खत्म नहीं कर पाएंगे क्योंकि मौजूदा प्रयास इसके प्रसार को कम करने में पर्याप्त नहीं है.

यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के आदित्य शर्मा ने कहा कि संक्रमण के चक्र को तोड़ने के प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता है और ऐसे मामलों का पता लगाने के साथ संक्रमित मरीजों के उपचार के प्रयासों में तेजी लाना होगा.

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First published: May 10, 2017
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