निमोनिया को न करें नजरअंदाज, हो सकता है हार्ट अटैक!

भाषा
Updated: May 17, 2017, 9:00 AM IST
निमोनिया को न करें नजरअंदाज, हो सकता है हार्ट अटैक!
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Updated: May 17, 2017, 9:00 AM IST
किसी व्यक्ति को निमोनिया, जुकाम और ब्रॉन्काइटिस जैसे श्वसन संबंधी इन्फेक्शन होने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा 17 गुना तक बढ़ जाता है. शोध के निष्कर्षों से पता चलता है कि इसका खतरा श्वसन संबंधी इन्फेक्शन की शुरुआत में जरूरी नहीं है. यह पहले सात दिनों में चरम पर होता है, फिर धीरे-धीरे कम होता है, लेकिन एक महीने तक बना रहता है.

सिडनी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और हृदय रोग विशेषज्ञ जिओफ्री टोफलर ने कहा कि हमारे निष्कर्ष पहले की सुझावों की पुष्टि करते हैं कि श्वसन संबंधी इन्फेक्शन से दिल के दौरे का जोखिम बढ़ाने का काम करते हैं. टोफलर ने कहा कि श्वसन संबंधी संक्रमण दिल के दौरे का खतरा क्यों बढ़ाते हैं, इसके संभावित कारण में खून का थक्का जमने की प्रवृत्ति, सूजन और रक्त वाहिकाओं को विषाक्त पदार्थ से नुकसान और खून के बहाव में बदलाव शामिल है.

इसके अलावा जो लोग मध्यम ऊपरी श्वसन नलिका में संक्रमण के लक्षणों जैसे कि जुकाम, फैरेगिंटिस, राहिनिटिस और सिनुसिटिस से पीड़ित हैं उनमें दिल का दौरा पड़ने का खतरा 13 गुना होता है. इस शोध का प्रकाशन इंटरनल मेडिसिन जर्नल में किया गया है.
First published: May 17, 2017
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