मोटापे के शिकार मरीजों को बाइपास सर्जरी के बाद रहता है ये खतरा!

भाषा
Updated: June 20, 2017, 10:23 AM IST
मोटापे के शिकार मरीजों को बाइपास सर्जरी के बाद रहता है ये खतरा!
एक नए शोध में पता चला है कि मोटापे के शिकार रोगियों को हृदय की बाइपास सर्जरी कराने के 30 दिन बाद तक संक्रमण का खतरा रहता है.
भाषा
Updated: June 20, 2017, 10:23 AM IST
एक नए शोध में पता चला है कि मोटापे के शिकार रोगियों को हृदय की बाइपास सर्जरी कराने के 30 दिन बाद तक संक्रमण का खतरा रहता है. कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्ट के शोधकर्ता तसुकु टेरादा ने कहा कि सामान्य बीएमआई वाले मरीजों की तुलना में हमने पाया है कि बीएमआई के 30 से अधिक रोगियों के साथ बाईपास सर्जरी के बाद संक्रमण की संभावना 1.9 गुना बढ़ जाती है.

रिसर्च टीम ने 56,722 रोगियों को जांच के दायरे में लिया और उनकी बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और विभिन्न परिणामों की कोरोनरी आर्टरी बाइपास ग्राफ्टिंग (सीएबीजी) और पक्र्यूटैनीयस कोरोनरी इंटरवेंशन (पीसीआई) रिपोर्ट तैयार की. पीसीआई को कोरोनरी एंजियोप्लास्टी भी कहा जाता है.  यह रिपोर्ट कनाडा में हुए मोटापा शिखर सम्मेलन में भी प्रस्तुत की गई. अस्पतालों में सर्जरी के बाद संक्रमण वाले रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है. इस कारण चिकित्सा लागत भी बढ़ जाती है.

यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्ट की असिस्टेंट प्रोफेसर मैरी फरहान ने बताया कि आगे की जांच से शोधकर्ताओं को संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि रोगियों की उचित देखभाल हो रही है, इसके लिए उपकरण ईजाद करने में मदद मिलेगी.
First published: June 20, 2017
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