खर्राटें है खराब सेहत का संकेत, ना करें इसे नजरअंदाज

आईएएनएस
Updated: March 13, 2017, 11:17 AM IST
खर्राटें है खराब सेहत का संकेत, ना करें इसे नजरअंदाज
खर्राटों का कारण होता है खुले मुंह से सांस लेना और जीभ और टॉन्सिल के पीछे की सॉफ्ट पैलेट में वाइब्रेट होना.
आईएएनएस
Updated: March 13, 2017, 11:17 AM IST
खर्राटों का कारण होता है खुले मुंह से सांस लेना और जीभ और टॉन्सिल के पीछे की सॉफ्ट पैलेट में वाइब्रेशन होना. इस वजह से खर्राटे की आवाज पैदा होती है. खर्राटे से सिर्फ आवाज ही पैदा नहीं होती बल्कि यह एक स्वास्थ्य समस्या है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

इस बारे में जानकारी देते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल का कहना है कि स्लीप एप्निया के साथ या बिना खर्राटे लेना एक गंभीर स्वास्थय समस्या है और इसे केवल शोर से होने वाली परेशानी समझ कर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, इसे एक असली स्वास्थ्य समस्या मानना चाहिए.

उन्होंने कहा कि खर्राटे खराब नींद का संकेत होते हैं, जो अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं. इसके कुछ कारण बहुत हल्के होते हैं, जिन्हें सोने का तरीका या शराब के सेवन की आदत में बदलाव कर बदला जा सकता है.

डॉ अग्रवाल बताते हैं कि ऑब्स्ट्रक्टिव एप्निया का इलाज न हो तो हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है, जिससे दिल का आकार बड़ा हो जाता है. दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. स्लीप एप्निया से पीड़ितों को दिल का दौरा, होने का खतरा ज्यादा रहता है.

उन्होंने कहा कि इसमें जीवनशैली की आदतें अहम भूमिका निभाती हैं, जिन्हें कारगर तरीके से सुधारा जा सकता है. शराब का सेवन, धूम्रपान और कुछ दवाएं गले की मांसपेशियों को आराम नहीं देती हैं, जिससे गले का मांस ढीला हो कर सांस का फ्लो रुक जाता है. धूम्रपान से नाक के मार्ग और गले की मांसपेशियों में जलन भी होती है, जिससे सूजन आ जाती है, जो सांस लेने मे बाधा बनती है.
First published: March 13, 2017
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