राखियां पड़ी हैं डाकखाने में, कलाइयां करती रहीं इंतजार

News18India.com

Updated: August 18, 2016, 3:33 PM IST
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नई दिल्‍ली। बहना ने भाई की कलाई से प्‍यार बांधा है, प्‍यार के दो धागों से संसार बांधा है। बेशक किसी गाने की यह लाइन भाई और बहनों के प्‍यार को दिखाती हो, लेकिन भारतीय डाक विभाग भाई-बहन के प्‍यार के बीच विलेन बनकर खड़ा हो गया है। कई-कई दिन पहले बहनों की ओर से भेजी गईं राखियां रक्षाबंधन वाले दिन भी भाइयों की कलाई में नहीं बंध पाई। सामान्‍य डाक तो छोड़िए जनाब स्‍पीड पोस्‍ट से भी राखियां समय से नहीं पहुंची। हर बार की तरह से इस बार भी डाकखाने की लापरवाही से हजारों कलाईयां सूनी रह गईं। गुरुवार को ऐसे भाइयों की एक बड़ी संख्‍या थी जिन्‍हें उनकी बहन की ओर से भेजी गई राखी अभी तक नहीं मिली है।

सरला ने दिल्‍ली से आगरा अपने भाई के लिए राखी भेजी थी, लेकिन रक्षाबंधन पर घर फोन किया तो मालूम हुआ कि राखी तो अभी तक डाक विभाग ने पहुंचाई ही नहीं है। सरला का कहना है कि यह कोई पहला मौका नहीं है कि जो डाक विभाग ने वक्‍त पर राखी नहीं पहुंचाई हो। इसी अनुभव के चलते सरला ने इस बार स्‍पीड पोस्‍ट से राखी भेजी थी, लेकिन अफसोस की इसके बाद भी राखी नहीं पहुंची।

राखियां पड़ी हैं डाकखाने में, कलाइयां करती रहीं इंतजार
कई-कई दिन पहले बहनों की ओर से भेजी गईं राखियां रक्षाबंधन वाले दिन भी भाइयों की कलाई में नहीं बंध पाई। सामान्‍य डाक तो छोड़िए जनाब स्‍पीड पोस्‍ट से भी राखियां समय से नहीं पहुंची। हर बार की तरह से इस बार भी डाकखाने की लापरवाही से हजारों कलाईयां सूनी रह गईं।

इसी तरह से सोनम ने नोयडा से भोपाल अपने भाई को राखी भेजी थी। मामला दूर का था यह सोचकर सोनम ने 15 दिन पहले ही राखी डाक विभाग के हवाले कर दी थी। जल्‍दी पहुंच जाए इसके लिए स्‍पीट पोस्‍ट का सहारा लिया था। लेकिन हमेशा की तरह से रक्षाबंधन पर ही सोनम की भेजी राखी उसके भाई को नहीं मिली।

रिया के साथ भी डाक विभाग ने छलावा किया है। आगरा से सिर्फ कुछ किमी की दूरी वाले ग्‍वालियर के लिए भेजी गई राखी भी डाक विभाग समय से नहीं पहुंचा पाया। विभाग की लापरवाही से रिया की राखी 10 दिन में आगरा से ग्‍वालियर का सफर भी तय नहीं कर पाई।

 

First published: August 18, 2016
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