शिमला में डोर-टू-डोर गारबेज सेवा चरमराई, 800 कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर

Gulwant Thakur | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 6:08 PM IST
शिमला में डोर-टू-डोर गारबेज सेवा चरमराई, 800 कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर
शिमला नगर निगम का दफ्तर.
Gulwant Thakur | News18Hindi
Updated: July 17, 2017, 6:08 PM IST
शिमला में एमसी की डोर टू डोर गारबेज व्यवस्था एक बार फिर ठप हो गई है. एमसी के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 5 दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं. मांगों को लेकर कर्मचारियों ने डीसी आफिस के बाहर प्रदर्शन किया.

एमसी के खिलाफ नारेबाजी की. सैहब सोसाइटी के प्रधान जसवंत सिंह का कहना हैं कि सोसाइटी अपनी दो मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे. जिसमें सैहब कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी और सोसाइटी को खत्म कर एमसी में मर्ज करने की मांग है.

उन्होंने बताया कि सोसाइटी के करीब 800 से ज्यादा कर्मचारी सुबह 6 बजे से शहर के सभी घरों से कूड़ा उठाते हैं. लेकिन उसकी एवज में एमसी उन्हें पर्याप्त सुविधाएं प्रदान नहीं कर रही है.

उन्होंने कहा कि सैहब कर्मचारी करीब 9 साल से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें न्यूनतम वेतन भी नसीब नहीं हो रहा है. अगर एमसी उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं करती है तो उग्र होकर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

इस मामले पर एमसी आयुक्त जीसी नेगी का कहना है कि सैहब कर्मचारियों की मांगें जायज हैं लेकिन इन मांगों को पूरा करने के लिए एमसी 6 माह का समय मांग रही है.

उन्होंने बताया कि अगर सैहब कर्मचारी जल्द अपनी ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं, तो इसके विकल्प के लिए शहर में गारबेज कोलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे और लोगों को कोलेक्शन सेंटर तक अपने घरों से कूड़ा पहुंचाना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि अगर सैहब कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहते हैं तो एमसी एग्मा लगाने से भी परहेज नहीं करेगा.
First published: July 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर