हिमाचल में ओलावृष्टि से 3500 करोड़ रुपए का सेब उद्योग संकट में

Devinder Hetta | ETV Haryana/HP
Updated: May 18, 2017, 10:43 PM IST
हिमाचल में ओलावृष्टि से 3500 करोड़ रुपए का सेब उद्योग संकट में
हिमाचल : ओलावृष्टि से 3500 करोड़ रुपए के सेब उद्योग नष्ट
Devinder Hetta | ETV Haryana/HP
Updated: May 18, 2017, 10:43 PM IST
हिमाचल प्रदेश में बदलते मौसम ने करीब 3500 करोड़ रुपए के सेब उद्योग को जबर्दस्त झटका दिया है. यही वजह है कि हिमाचल के ज्यादातर इलाकों में सेब के बागवान वीरान नजर आ रहे हैं. जिन क्षेत्रों में सेब की फसलें बची हैं, वहां भी आए दिन हो रही ओलावृष्टि से फसलें तबाह हो रही हैं.

इस बार 'एंटी हेल गन' भी सेब को ओलावृष्टि से नहीं बचा पाई. बागी-रतनाड़ी में लगाई गई हेल गन के आसपास भी जमकर ओले गिरे हैं. प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सेब को ओलों ने काफी नुकसान पहुंचाया है.

मशोबरा निवासी नीटू ने बताया कि मौसम की मार ने उनकी कमर तोड़ दी है. उन्होंने कहा कि बीते 15 दिनों से ओलावृष्टि से सेब की फसल नष्ट हो रही है. अब ऐसा लगता है जैसे हिमाचल से सेबों की पैदावर खत्म हो जाएंगी.

प्रदेश के पांच लाख से ज्यादा परिवारों की रोजी-रोटी का इंतजाम करने वाली सेब की फसल कई सालों से खतरे में है. साल 2010 के बाद से बागवान अच्छी फसल का इंतजार कर रहे हैं. बता दें कि साल 2010 में प्रदेश में सबसे ज्यादा 4.46 करोड़ पेटी सेब हुआ था.

इसी क्रम में बीते साल 2.4 करोड़, इसके बाद साल 2015 में 3.88 करोड़, 2014 में 3.12 करोड़, 2013 में 3.69 करोड़, 2012 में 2.6 करोड़ और साल 2011 में 1.38 करोड़ पेटी सेब की पैदावर हुई थी. लेकिन अब सेबों का उत्पादन गिरना बागवानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
First published: May 18, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर