केंद्र से मदद नहीं मिलने के कारण लटकी परियोजनाएं 

Davinder hetta | ETV Haryana/HP
Updated: April 21, 2017, 9:04 PM IST
केंद्र से मदद नहीं मिलने के कारण लटकी परियोजनाएं 
हिमाचल प्रदेश को पेयजल, सिंचाई योजनाओं के अलावा नदी तटीकरण और बाढ़ नियंत्रण को साल 2014 के बाद से नहीं मिल रहा बजट
Davinder hetta | ETV Haryana/HP
Updated: April 21, 2017, 9:04 PM IST
हिमाचल प्रदेश में कई सारी परियोजनाएं बजट नहीं होने के कारण रुकी पड़ी हैं. बताया जा रहा है कि केंद्र के पास विभिन्न स्कीमों के 2832 करोड़ रुपए अटके पड़े हैं.

जिन परियोजनाओं में केंद्र की मदद की दरकार है उनमें पेयजल, सिंचाई, नदी तटीकरण और बाढ़ नियंत्रण प्रमुख हैं. दरअसल बजट नहीं मिलने के कारण ही प्रदेश की इन सारी योजनाओं के काम रुके हुए हैं.

केंद्र के पास स्वां नदी तटीकरण के 922 करोड़, छौंछ खड्ड तटीकरण के 180 करोड़, सीर-खड्ड तटीकरण के 90 करोड़, पब्बर नदी तटीकरण के 190 करोड़ और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के 1450 करोड़ रुपए अटके पड़े हैं.

अन्य पेयजल परियोजनाओं में भी केंद्र से ही करोड़ों रुपयों की मदद चाहिए. इस वजह से किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए जबकि अन्य लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है.

इरीगेशन एंड पब्लिक हेल्थ (IPH) विभाग के प्रमुख अभियंता अनिल बाहरी ने कहा कि जैसे ही केंद्र से बजट मिलेगा लटकी हुई परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा.

उन्होंने आगे कहा कि फ्लड कंट्रोल और इरीगेशन में 2014 के बाद से बहुत कम पैसे मिले हैं. भारत सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2015 में शुरू की गई थी. 2016 में भेजे गये लगभग 7 हेक्टेयर को सिंचाई सुविधा देने के लिए साढ़े चौदह सौ करोड़ का प्रोजेक्ट भेजा गया था. उस पर अभी तक केंद्र की स्वीकृति नहीं आई है.
First published: April 21, 2017
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