मिल गया अटलांटिस शहर! 8.5 मील लंबे पिरामिड में छिपी है दुनिया की सबसे पुरानी विकसित सभ्यता...

News18India.com
Updated: July 10, 2016, 5:20 PM IST
मिल गया अटलांटिस शहर! 8.5 मील लंबे पिरामिड में छिपी है दुनिया की सबसे पुरानी विकसित सभ्यता...
स्कॉट सी वेरिंग नाम के शोधकर्ता एलियंस से जुड़ी शोधकार्यों में लंबे समय से जुड़े हैं। वो कहते हैं कि ये आकृति पिरामिड की तरह है।
News18India.com
Updated: July 10, 2016, 5:20 PM IST
न्यूयॉर्क। प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक मानी जा रही अटलांटिस सभ्यता का जिक्र कभी प्लेटो ने अपनी रचनाओं में किया था। माना जाता है कि ग्रीक सभ्यता का शहर ‘अटलांटिस’ अटलांटिक महासागर में एटलांटिस एक टापू पर स्थित था। इस शहर का जिक्र यूनान के दार्शनिक और गणितज्ञ प्लेटो की कहानियों में मिलता है। 360 ईसा पूर्व प्लेटो ने इसे दुनिया का सर्वाधिक सभ्य नागरिक सभ्यता का केंद्र माना था। समुद्र में डूबकर एक पहेली बन जाने वाले इस शहर को पूरे यूरोप का केंद्र भी कहा जाता रहा।

अभी हाल ही में गूगल अर्थ प्रोग्राम द्वारा कुछ तस्वीरें ली गई हैं, जिसमें समंदर के भीतर करीब 8.5 मील से 11 मील लंबे-चौड़े ऐसी पिरामिडीय आकृति दिखी है, जिसे शोधकर्ता अटलांटिस शहर कह रहे हैं। वहीं, यूएफओ से जुड़े शोधकर्ताओं का दावा है कि ये पिरामिडीय आकृति दूसरी दुनिया के जीवों का स्पेस शटल भी हो सकता है।

बहरहाल, इस ‘अटलांटिस’ शहर की खोज का दावा किया है अर्जेंटीना के मार्केलो इगाजुस्टा ने। उन्होंने कहा कि वो एलियंस से जुड़े खोजकार्यों में लगे थे, तभी समंदर में दफन ये पिरामिडीय आकृति उन्हें मिली। स्कॉट सी वेरिंग नाम के शोधकर्ता एलियंस से जुड़ी शोधकार्यों में लंबे समय से जुड़े हैं। वो कहते हैं कि ये आकृति पिरामिड की तरह है। ये 8.5 से 11 मील लंबा है। या तो ये किसी पुरानी सभ्यता का अवशेष है, या फिर एलियंस का स्पेस शटल।

अगर इस पिरामिड की लंबाई को 8.5 मील मानें, तो ये दुनिया का सबसे बड़ा पिरामिड है। ये मैक्सिको के पास मिला है। जो माया सभ्यता की जगह से ज्यादा दूरी पर नहीं है। हालांकि वेरिंग का कहना है कि इतनी बड़ी आकृति का निर्माण इंसानों के बस की बात नहीं, ये जरूर एलियंस का काम है। हो सकता है कि ये एलियंस का बेस है, जिसमें से हमेशा रोशनी निकलती रहती है।

Atlantis 2

बता दें कि ग्रीक दार्शनिक प्लेटो ने करीब दो हजार छह सौ साल पहले अटलांटिस के बारे में लिखा था। उन्होंने लिखा, 'एक द्वीप जो पिलर्स ऑफ हरक्यूलिस के सामने है'। जिब्राल्टर के होने के संकेत प्राचीन काल में मिलते रहे हैं। अटलांटिस के बारे में प्लेटो के लिखे को आधार बनाते हुए शोधकर्ताओं ने भूमध्य और अटलांटिक महासागर के किसी हिस्से में इस शहर के होने की संभावना जताई थी। 360 ई.पू. में प्लेटो के लिखे 'डायलॉग' में इस ऐतिहासिक शहर के बारे में जानकारी है। प्लेटो ने लिखा है कि जिस द्वीप को वह अटलांटिस कहते थे वह एक दिन और रात में ही समुद्र में गायब हो गया।
First published: July 10, 2016
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर