मराठी में आएगी भगत सिंह की ‘जेल डायरी’, डेमोक्रेसी पर थी अलग सोच

ओम प्रकाश | News18India.com

Updated: September 3, 2016, 11:04 AM IST
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नई दिल्‍ली। शहीद-ए-आजम भगत सिंह को लेकर मुंबई वालों के लिए एक अच्‍छी खबर है। अब लाहौर जेल में भगत सिंह द्वारा लिखी गई जेल डायरी मराठी में भी उपलब्‍ध होगी। पहली बार इसका अनुवाद हुआ है। इसे मराठी में ट्रांसलेट किया है भगत सिंह पर शोध करने वाले अभिजीत भलेराव ने। शुरुआत में इसकी करीब एक हजार प्रतियां छपवाई जाएंगी। इस तरह अब भगत सिहं के विचार सीधे उन्‍हीं के शब्‍दों में लोगों तक पहुंचेंगे।

हिंदी में भी अनुवाद का काम चल रहा है। इससे पहले उनकी डायरी को अंग्रेजी में छपवाया जा चुका है। उन्‍होंने डायरी में अंग्रेजी और उर्दू में ही लिखा है। अमर शहीद भगत सिंह के पौत्र यादवेंद्र सिंह संधू ने आईबीएन खबर से बातचीत में कहा कि अब तक भगत सिंह के बारे में जो भी किताबें हैं उसमें लेखकों के विचार की छाया भी दिखती है।

मराठी में आएगी भगत सिंह की ‘जेल डायरी’,  डेमोक्रेसी पर थी अलग सोच
ये है भगत सिंह की असली जेल डायरी, जिसे फरीदाबाद में उनके पौत्र यादवेंद्र सिहं संधू ने संभाल रखा है।

उनकी लिखी डायरी को किताब के रूप में लाने से यह होगा कि उनके विचार बिना किसी काट छांट के पढ़ने को मिलेंगे। यानी इस किताब के लेखक खुद भगत सिंह होंगे। किताब में एक तरफ उनकी जेल डायरी की स्‍कैन कॉपी होगी तो दूसरी तरफ सामने के पेज पर मराठी में ट्रांसलेशन होगा।

क्‍या है इस डायरी

-संधू के मुताबिक भगत सिंह ने अपनी इस डायरी में अमेरिकी, रूसी और फ्रांसिसी क्रांतियों और वहां के क्रांतिकारियों के बारे में लिखा है। उससे उन्‍हें क्रांति करने में प्रेरणा मिली थी। उन्‍होंने अपनी डायरी में अमेरिकी कवि जेम्‍स लावेल रसेल की फ्रीडम को लेकर लिखी गई कविता भी लिखी है। आजादी के बाद कैसा हिंदुस्‍तान होना चाहिए। डेमोक्रेसी को कामयाब करना है तो जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही होनी चाहिए। यह सब विचार उन्‍होंने जेल में मिली इस डायरी में लिखे हैं।

कब मिली थी डायरी

404 पेज की यह डायरी उन्‍हें लाहौर सेंट्रल जेल प्रशासन ने उन्‍हें 12 सितंबर 1929 को दी थी। उन्‍होंने खाली बैठने की जगह अपने विचार लिखने के लिए डायरी मांगी थी। यह डायरी, सिर्फ 23 साल की छोटी सी जिंदगी में बड़े-बड़े काम करने वाले भगत सिंह के पूरे व्‍यक्‍तित्‍व की झलक दिखाती है।

 

First published: September 3, 2016
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