भयावह अंधविश्वासों, पाखंडों में डूबा था हिंदू धर्म, इस शख्स ने उठाया ये ऐतिहासिक कदम, बना दिया आधुनिक

News18India.com

Updated: July 14, 2016, 3:48 PM IST
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हिंदू धर्म दुनिया के प्राचीन धर्मों में से एक है। वेद विश्‍व के सबसे प्राचीन ग्रंथ है। हिंदू धर्म के भीतर उपनिषदों, पुराणों से लेकर संहिताओं का विशाल जाल है। प्राचीन भारतीय वैदिक सभ्‍यता, संस्‍कृति और परंपरा के बीच देश में जिस हिंदू धर्म को आधुनिक स्‍वरूप में हम देख रहे हैं, दरअसल, वह वैसा बिल्‍कुल नहीं था। हिंदू धर्म में कई तरह की कुरूतियां, अंधविश्‍वास यहां तक कि कट्टर मान्‍यताएं भी थीं, जो न केवल हिंसक थीं बल्‍कि एक तरह से पूरे हिंदू धर्म के आधुनिक प्रगतिशील स्‍वरूप को बंधक बनाए हुए थी।

दरअसल, जिस आधुनिक हिंदू धर्म और समाज को हम देख रहे हैं, उसके भीतर, बाल विवाह, सती प्रथा, जातिप्रथा, अछूत समस्‍या और ऐसे धार्मिक अंधविश्‍वास, कुरुतियां, रूढ़ियां थीं, जिसका सबसे ज्‍यादा शिकार महिलाएं और निचली जाति के लोग रहे और हिंदू धर्म के भीतर से इसे हटाने के लिए 18वी शताब्‍दी में बाकायदा एक लंबा पुनर्जागरण अभियान चलाया गया और इसे चलाने वाले महान शख्‍स थे, बंगाल के राजा राममोहन राय।

भयावह अंधविश्वासों, पाखंडों में डूबा था हिंदू धर्म, इस शख्स  ने उठाया ये ऐतिहासिक कदम, बना दिया आधुनिक
क्‍या आपको पता है दुनिया क प्राचीनतम् हिंदू धर्म भी कई तरह के अंधविश्‍वासों में डूबा था, यहां ऐसे पाखंड थे जो एक तरह से हिंसा में बदल गए थे, लेकिन एक शख्‍स ने इस पूरे धर्म के बीच ऐसे सुधार किए कि एक बार फिर से इसकी पताका पूरे विश्‍व में फहराई..!

राजा राममोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक कहा जाता है। भारतीय सामाजिक और धार्मिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में उनका विशिष्ट स्थान है। वे ब्रह्म समाज के संस्थापक, भारतीय भाषायी प्रेस के प्रवर्तक, जनजागरण और सामाजिक सुधार आंदोलन के प्रणेता तथा बंगाल में नव-जागरण युग के पितामह थे। उन्होंने भारत में स्वतंत्रता आंदोलन और पत्रकारिता के कुशल संयोग से दोनों क्षेत्रों को गति प्रदान की। उनके आन्दोलनों ने जहां पत्रकारिता को चमक दी, वहीं उनकी पत्रकारिता ने आन्दोलनों को सही दिशा दिखाने का कार्य किया।

एक ओर जहां राममोहन राय ने ईस्ट इंडिया कंपनी की नौकरी छोड़कर अंग्रेजों के खिलाफ एक नई जंग को शुरू किया, तो वहीं दूसरी वे एक जंग अपने ही देश और समाज में फैली कुरुतियों, अंधविश्‍वासों के साथ लड़ी। राजा राममोहन राय ने वृहद पैमाने पर भारतीय समाज में फैली बाल-विवाह, सती प्रथा, जातिवाद, कर्मकांड, पर्दा प्रथा जैस बुराइयों को हटाने में एक बड़ा जनांदोलन चलाया।

वे आधुनिक भारत के निर्माताओं में से एक थे, उन्‍होंने अपने ब्रह्म समाज के जरिये सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्‍होंने अंग्रेजी, आधुनिक चिकित्सा प्रौद्योगिकी और विज्ञान के अध्ययन को भारतीय समाज में सम्‍मान के साथ जगह दिलाई और इस बात को निश्‍चित किया कि प्रत्‍येक भारतीय को इसे यूरोप की इन खूबियों को जरूर जानना चाहिए।

First published: July 14, 2016
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