हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख ने कहा, अमरनाथ यात्रा पर कोई खतरा नहीं

भाषा
Updated: June 19, 2017, 10:58 PM IST
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख ने कहा, अमरनाथ यात्रा पर कोई खतरा नहीं
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर कोई ख़तरा नहीं है.
भाषा
Updated: June 19, 2017, 10:58 PM IST
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर कोई ख़तरा नहीं है और श्रद्धालु उनके प्यारे मेहमान हैं जिनकी सालों पुरानी परंपराओं के अनुरूप अगवानी की जाएगी.

उन्होंने कहा, 'आगामी अमरनाथ यात्रा पर आतंकी खतरे की बात सरासर झूठ है जिसका मकसद कश्मीर की आजादी के आंदोलन को बदनाम करना है. कश्मीरी किसी भी धर्म या उसे मानने वाले लोगों के खिलाफ नहीं है. हालांकि वो अपने मौलिक अधिकारों के लिए एक जायज संघर्ष कर रहे हैं.'

गिलानी ने कहा कि कश्मीर के लोग श्रद्धालुओं को सर्वश्रेष्ठ आतिथ्य मुहैया कराने की सालों पुरानी परंपरा को बरकरार रखते हुए हमेशा से खासकर अमरनाथ यात्रियों के प्रति मैत्रीपूर्ण एवं उदार रहे हैं.

उन्होंने कहा, 'यात्रा दशकों से चली आ रही है और यहां के लोग श्रद्धालुओं के साथ हमेशा से आतिथ्य भाव से पेश आए हैं. वो हमेशा से आतिथ्यभाव से भरे, सभ्य रहे हैं और श्रद्धालुओं का अपने मेहमानों की तरह स्वागत किया है.'

अलगाववादी नेता ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि उनपर कोई ख़तरा नहीं है और आरोप लगाया कि ख़तरे की खबरें भारतीय मीडिया का प्रतिकूल दुष्प्रचार है.

उन्होंने 2008, 2010 और 2016 में घाटी में व्याप्त स्थिति की तरफ संकेत करते हुए कहा कि उन परिस्थतियों में भी रोकटोक के बावजूद लोगों ने श्रद्धालुओं का बांहें खोलकर स्वागत किया और उन्हें आश्रय एवं भोजन उपलब्ध कराए.

गिलानी ने कहा, 'ये हमारी सालों पुरानी परंपरा है और भविष्य में भी हम इसी भावना का पालन करेंगे और अपने प्यारे मेहमानों के तौर पर यात्रियों का स्वागत करेंगे.' यात्रा 29 जून से शुरू होगी.
First published: June 19, 2017
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