थम नहीं रहा खरसांवा विवाद, शुद्धिकरण से आन्दोलन तक की बात

Vikas Kumar | ETV Bihar/Jharkhand

First published: January 14, 2017, 12:07 PM IST | Updated: January 14, 2017, 12:07 PM IST
facebook Twitter google skype whatsapp
थम नहीं रहा खरसांवा विवाद, शुद्धिकरण से आन्दोलन तक की बात
खरसांवा शहीद स्थल पर पहली जनवरी को श्रद्धांजलि सभा के दौरान आरोप प्रत्यारोप की शुरु हुई राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है. सीएनटी एसपीटी संशोधन के मुद्दे पर उस दिन लोगों द्वारा मुख्यमंत्री रघुवर दास के तल्ख विरोध के बाद अब झामुमो व आदिवासी संगठनों ने शहीद स्थल के शुद्धिकरण का फैसला लिया है.

खरसांवा शहीद स्थल पर पहली जनवरी को श्रद्धांजलि सभा के दौरान आरोप प्रत्यारोप की शुरु हुई राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है. सीएनटी एसपीटी संशोधन के मुद्दे पर उस दिन लोगों द्वारा मुख्यमंत्री रघुवर दास के तल्ख विरोध के बाद अब झामुमो व आदिवासी संगठनों ने शहीद स्थल के शुद्धिकरण का फैसला लिया है. खरसांवा में विधायक चंपई सोरेन, दशरथ गागराई, निरल पूर्ति, दीपक बिरुआ, कुणाल षाडंगी तथा 22 आदिवासी संगठनों की संयुक्त बैठक में यह फैसला हुआ.

सोना नदी के पानी से करेंगे शुद्धिकरण

विधायक चंपई सोरेन ने कहा कि पहली जनवरी को श्रद्धांजलि सभा के दौरान कुछ लोग शहीद स्थल पर जूता पहन चढ़ गए थे, जिससे यह देवस्थल अपवित्र हो गया है. इसलिए आगामी 28 जनवरी को पारंपरिक तरीके से सैंकड़ो आदिवासी महिलाएं सोना नदी से जल लाकर इसका शुद्धिकरण करेगी. वहीं स्थानीय नीति तथा सीएनटी एसपीटी एक्ट संशोधन को वापस लेने हेतु सरकार के खिलाफ आगामी 11 मार्च को शहीद स्थल से समाहणालय तक मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज किया जाएगा.

कार्रवाई की आलोचना

उधर खरसांवा विधायक दशरथ गागराई ने पहली जनवरी को शहीद स्थल पर घटी घटना में प्रशासन द्वारा नौ को नामजद तथा 500 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किये जाने का विरोध किया. उन्होंने कहा कि अगर दर्ज मामला वापस नहीं हुआ तो जोरदार आंदोलन होगा. साथ ही उस दिन प्रशासन द्वारा संयम बरते जाने की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासनिक पदाधिकारियों पर की गयी कार्रवाई की तीखी आलोचना की.

facebook Twitter google skype whatsapp